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'सावरकर' की जयंती पर पीएम मोदी का नमन, इधर भारत-पाक बंटवारे का सूत्रधार बताकर घिरे भूपेश बघेल

Tue, 28 May 2019 12:04 PM IST
Nilesh Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Narendra Modi, Bhupesh Baghel, Raman Singh - फोटो : Social Media
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स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश भर के कई नेताओं ने उन्हें याद करते हुए नमन किया है। पीएम मोदी ने अपने ट्विटर एकाउंट पर सावरकर को नमन किया और एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि वीर सावरकर साहस, देशभक्ति और असीम प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वे राष्ट्रनिर्माण के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं। वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सावरकर पर दिए गए बयान से सियासी बवाल खड़ा हो गया और भाजपा ने बघेल को इतिहास पढ़ने की सलाह दे डाली। 

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छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल ने भाजपा पर बड़ा हमला बोलते हुए संघ विचारक विनायक सावरकर को भारत विभाजन का सूत्रधार बता दिया। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू को देश के विभाजन से जोड़कर विवाद पैदा करने की कोशिश की जाती है, जबकि सच्चाई यह है कि देश का बंटवारा मोहम्मद अली जिन्ना ने कराया और इसके सूत्रधार वीर सावरकर थे। 

प्रदेश की राजधानी रायपुर में जवाहरलाल नेहरु की पुण्यतिथि पर आयोजित व्याख्यानमाला में सीएम बघेल ने कहा कि दो राष्ट्र का सिद्धांत पंडित नेहरु या मोहम्मद जिन्ना का नहीं बल्कि सावरकर का था। हिंदू महासभा में सावरकर ने ही प्रस्ताव रखा था कि देश दो राष्ट्र के रूप में आजाद हो। धार्मिक आधार पर उन्होंने दो राष्ट्र की मांग रखी थी और जिन्ना ने इसे लागू किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह ऐतिहासिक तथ्य है और इसे कोई झुठला नहीं सकता। 
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'आजादी की लड़ाई नहीं लड़े, जेल में मांगी अंग्रेजों से माफी'

सावरकर को देश के बंटवारे का सूत्रधार बनाने तक ही बघेल नहीं रुके। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई सावरकर लड़े ही नहीं और जब उन्हें अंडमान के जेल में रखा गया था तब उन्होंने अंग्रेजों से 10 बार माफी मांगी। जेल से छूटने के बाद भी उन्होंने कभी आजादी के आंदोलन में भाग नहीं लिया। बघेल ने अपने वक्तव्य में जोड़ा कि पंडित नेहरू की सोच, दूरदर्शिता, दर्शन काफी ज्यादा प्रभावशाली है, जोकि  उनकी किताब भारत एक खोज में पढ़ी जा सकती है। 

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रमन की नसीहत- हार के सदमे में कुछ भी न बोलें, इतिहास पढ़ें 

रमन सिंह-भूपेश बघेल - फोटो : Facebook
सीएम भूपेश बघेल के विवादित बयान के बाद भाजपा की ओर से पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बघेल को एक बार फिर से इतिहास पढ़ने की जरूरत है। कहा कि बड़ी हार के बाद आदमी सदमे में रहता है और कुछ भी बोलता है, लेकिन सावरकर के बारे में कम ज्ञान में ज्यादा बोलना ठीक नहीं है। 

नेहरू का नाम लिए बिना साधा निशाना

रमन सिंह ने कहा कि सावरकर ने देश को नहीं बांटा। देश को किसने बांटा, यह हर भारतीय को पता है। न केवल भारत विभाजन, बल्कि कश्मीर जैसी जितनी भी समस्याएं आज देश में हैं, उन सबका जिम्मेदार कौन है, यह देश को पता है। कांग्रेस के लोग आजादी का श्रेय लेने में आगे रहते हैं, जबकि सच्चाई यह नहीं है। 1857 में अनगिनत राष्ट्र भक्तों ने बलिदान दिया, तब कांग्रेस का अस्तित्व कहां था? कांग्रेस को आजादी का श्रेय नहीं, बल्कि विभाजन की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। 
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