पेट्रोल में 10 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंड करने से किसानों को 40,600 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। 2025 तक यह स्तर बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक किया जाना है। अनुमान है कि अगले दो सालों के अंदर ही इस लक्ष्य को प्राप्त किया जाएगा और इससे किसानों को सीधे-सीधे एक लाख करोड़ रुपये तक का लाभ होगा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
समय से पहले हासिल किया जा सकता है लक्ष्य
दरअसल, इथेनॉल ब्लेंडिंग का पिछला अनुभव देखते हुए ऊर्जा विशेषज्ञों का अनुमान है कि 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग करने का लक्ष्य भी समय से हासिल किया जा सकेगा। इसका बड़ा कारण है कि 2018 में 'नेशनल पॉलिसी ऑन बायोफ्यूल्स' जारी करते हुए केंद्र सरकार ने यह लक्ष्य निर्धारित किया था कि 2030 तक ईंधन में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
इस क्षेत्र में बेहतर प्रगति देखते हुए केंद्र सरकार ने 10 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य नवंबर 2022 तक ही निर्धारित कर दिया था। लेकिन यह लक्ष्य भी अपने निर्धारित समय से लगभग चार-पांच महीने पहले ही हासिल कर लिया गया। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य भी संशोधित कर 2025-26 कर दिया था, जबकि पहली योजना में यह स्तर हासिल करने के लिए 2030 तक का समय निर्धारित किया गया था।
किसानों को ऐसे होगा जबरदस्त फायदा
अब ऊर्जा विशेषज्ञों का अनुमान है कि जिस प्रकार इथेनॉल ब्लेंडिंग करने का लक्ष्य हासिल किया जा रहा है, इस बात की संभावना बहुत ज्यादा है कि यह लक्ष्य भी समय से पहले हासिल कर लिया जाए। इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा और गन्ने की फसल की बिक्री के जरिए उन्हें एक लाख करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकेगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।