बाकी तैयारियों के अलावा सरकार ने प्रयाग कुंभ के दैरान यातायात व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के बारे में व्यापक जानकारी देने के लिए एक ऐप लांच करने की तैयारी कर रही है जिसके जरिए देश-विदेश के लोग मेले तक न सिर्फ आसानी से पहुंच सकेंगे, बल्कि मेले से जुड़ी तमाम जानकारी भी हासिल कर सकेंगे। हिंदी और अंग्रेजी भाषा वाले इस ऐप में कुंभ मेला में आने के लिए फ्लाइट, रेल, सड़क मार्ग आदि की जानकारी होगी। इसके अलावा, कुंभ मेला के लिए समर्पित एक वेबसाइट भी शुरू की जाएगी।
हेलीकॉप्टर से भी होंगे कुंभ दर्शन
राज्य सरकार इस बार गंगा, संगम और कुंभ के विहंगम दृश्यों का दर्शन हेलीकॉप्टर से भी कराने की जोना है, इसके लिए प्रयाग में हेलीपैड का निर्माण कराया रहा है। इसके अलावा इलाहाबाद किले की दीवार और प्रमुख स्थलों पर लेजर शो दिखाने के लिए विभाग थीम तैयार कर रहा है। साथ ही यहां आने वाले विदेशी मेहमानों को कुंभ का भ्रमण कराने, धार्मिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व समझाने के लिए टूरिस्ट वॉक का आयोजन किया जाएगा।
27500 कम्यूनिटी टॉयलेट्स और 16 हजार कूड़ेदान
सूत्रों ने बताया कि गंगा की सफाई के लिए स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन और बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए यूपी सरकार को निर्देश दे दिए गए हैं। जिसके तहत विदेशियों के लिए वीवीआईपी कॉटेज बनाने की भी योजना है। वहीं राष्ट्रीय गंगा स्वच्छता मिशन ने कुंभ मेले के लिए दो प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दे दी है, जिसमें 113 करोड़ रुपयों में 27500 प्री-फैब्रिकेटेड कम्यूनिटी टॉयलेट्स और 3.6 करोड़ रुपयों में 16000 कूड़ेदानों की खरीद शामिल है। साथ ही पर्यटन निगम की ओर से पीपीपी मोड पर पांच हजार स्विस कॉटेज की टेंट सिटी भी बसाई जाएगी। यहां पर्यटकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा राज्य सरकार ने कुंभ मेले का मेला क्षेत्र 2500 हेक्टेयर से बढ़ा कर 3200 हेक्टेयर करने का फैसला भी किया है।
सीएसआर के जरिए प्राइवेट कंपनियों से मांगी मदद
वहीं यूपी की योगी सरकार ने भी कुंभ के सफल आयोजन को लेकर प्राइवेट कंपनियों प्राइवेट कंपनियों से आवेदन मांगे हैं कि वे सीएसआर एक्टिविटीज के तौर पर कुंभ मेले को ऑर्गनाइज करने में राज्य सरकार के साथ भागीदारी करे। इसके लिए बाकायदा प्रयाग राज मेला अथॉरिटी ने एक विज्ञापन जारी कर निजी कंपनियों से कहा है कि वे मेले के बुनियादी विकास के साथ-साथ वहां सर्विसेज और फैसिलिटी मुहैया कराने के लिए आगे आ सकती हैं। इससे कंपनियों को भी अपनी ब्रांडिंग करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा वे सीएसआर या पार्टनरशिप के अलावा ऐड या दान देकर भी मेले के आयोजन में अपनी भागेदारी निभा सकती हैं।
वहीं, सूत्रों ने बताया कि अयोध्या में दीपावली को भव्य तरीके से मनाने के लिए राज्य को सरकार को एक इवेंट कपनी का सहयोग लेने के लिए कहा गया है। सरकार की योजना है कि मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा संदेश देने के लिए इस बार दीपावली में बेहद भव्य तरीके मनाया जाए। इसके लिए सिंगापुर के सेंटोसा आइसलैंड में विंग्स ऑफ टाइम और क्रेन डांस वाटर शो की तर्ज पर ही अयोध्या में भी दीपावली के मौके पर श्रीराम और रामायण के सार को भव्य रूप से दर्शाने की तैयारी की जा रही है।
रामायण थीम पर सजेगी अयोध्या
सूत्रों का कहना है कि इस बार दीपावली के मौके पर 5 नवंबर को पूरी अयोध्या को रामायण की थीम पर सजाया जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाले दीपोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें सरयू के किनारे लाखों दीपक जलाने के साथ ही अयोध्या की हर गली-सड़क को मिट्टी के दीयों से सजाया जाएगा। साथ ही शोभा यात्रा के साथ राम कथा पार्क में राम दरबार और राज्याभिषेक का मंचन होगा और एलईडी लाइट से पूरा इलाका सजाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने सोलर प्लांट लगाने की व्यवस्था की है, वहीं सरयू नदी के गुप्तार घाट से लेकर संत तुलसी घाट तक घाटों को संवारने तथा पर्याप्त लाइट कि व्यव्स्था के लिए सोलर लाइट भी लगाई जाएंगी। इस खास मौके पर कई विदेशी प्रमुख अतिथियों को भी निमंत्रण भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले साल भी योगी सरकार ने दीपावली को भव्य तरीके से मनाया था। हालांकि उस समय पूरा आयोजन यूपी सरकार के पर्यटन मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर किया था और उस दौरान कुल 1 लाख 87 हजार दीपों दीपोत्सव मनाया गया था, जिसमें 14 हजार ली. तिल के तेल का इस्तेमाल हुआ था।
वहीं प्रधानमंत्री मोदी शुरूआत से ही दूसरे देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर देते रहे हैं। मई 2014 में भी अपने शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने सभी सार्क देशों के प्रमुखों को आमंत्रित किया था, वहीं इस साल गणतंत्र दिवस पर उन्होंने 10 आसियान राष्ट्रों को बुलावा भेजा था।
सूत्रों ने बताया कि मोदी सरकार के इन महत्वाकांक्षी आयोजनों के चलते ही पिछले दिनों यूपी के मुख्यमंत्री संघ के बड़े नेताओं से मिले थे और बड़े स्तर पर सफल बनाने के लिए इन मुद्दों पर चर्चा की थी। जिसमें संघ ने भरोसा दिलाया था कि उन्हें इन कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए संघ से पूर्ण सहयोग मिलेगा।