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PM Modi: पीएम मोदी बोले- भारत को वैज्ञानिक शिक्षा का केंद्र बनाना लक्ष्य, देश में वैज्ञानिकों की भूमिका अहम

Fri, 15 Mar 2024 06:22 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पीएम ने कहा, 2047 तक आने वाला समय एक ऐसा काल है जो एक मजबूत, आत्मनिर्भर देश के निर्माण के हमारे सपने को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें वैज्ञानिक समुदाय विशेष रूप से हमारे युवा, एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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पीएम मोदी - फोटो : एक्स/बीजेपी फॉर इंडिया
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनका लक्ष्य वैश्विक सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाकर और अपने ज्ञान एवं अनुभवों को दुनिया के साथ साझा कर भारत को वैज्ञानिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाना है। पीएम मोदी ने पिछले दशक की वैज्ञानिक उपलब्धियों का विवरण देने वाली एक रिपोर्ट के लिए अपना संदेश दिया।

पीएम ने कहा, 2047 तक आने वाला समय एक ऐसा काल है जो एक मजबूत, आत्मनिर्भर देश के निर्माण के हमारे सपने को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें वैज्ञानिक समुदाय विशेष रूप से हमारे युवा, एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय और गैर सरकारी संगठन फाउंडेशन फॉर एडवांसिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी (फास्ट इंडिया) की ओर से विज्ञान का एक दशक : आत्मनिर्भर भारत के लिए प्रौद्योगिकी पैनोरमा शीर्षक से तैयार की गई रिपोर्ट का संकलन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को जारी किया।

रिपोर्ट में विज्ञान और प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, रक्षा, ऊर्जा क्षेत्र और भारी उद्योगों जैसे क्षेत्रों में भारत के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला गया है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने युवाओं में वैज्ञानिक सोच पैदा करने के साथ-साथ जिज्ञासा-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा क्षेत्र में दूरगामी सुधार भी लागू किए हैं। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने कहा कि रिपोर्ट में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों जैसे क्षमता निर्माण, ऊर्जा, अन्वेषण, सार्वजनिक सेवा, कृषि, पशु धन और जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य में प्रयासों की जांच की गई है।

आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहे आगे

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पीएम मोदी ने कहा कि कृत्रिम मेधा, गहरे समुद्र और अंतरिक्ष अन्वेषण जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में निवेश करना हो, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग हो, महामारी के दौरान टीके का विकास या नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार की प्रतिबद्धता हो, ये सभी प्रयास आत्मनिर्भरता की दिशा में हमारी निरंतर यात्रा को प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के वैज्ञानिकों ने विविध क्षेत्रों में अभूतपूर्व अनुसंधान किया है, जबकि इसका प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र वैश्विक चुनौतियों के लिए अभिनव समाधान प्रदान करता है।

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