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'चिप से शिप तक भारत निर्माण की गाथा लिख रहा': वडोदरा में जेन-जी से बोले पीएम मोदी, विपक्ष को बताया नाराज फूफा

Tue, 08 Sep 2026 12:28 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात को 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दिया। विकास परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाने के बाद पीएम मोदी जेन-जी युवाओं से संवाद कर रहे हैं। 
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पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात के वडोदरा पहुंचे। यहां वह नमो फॉर विकसित भारत कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में पहुंचने पर वहां मौजूद युवाओं ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। स्वागत समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 35000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। 

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'वडोदरा शहर में स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, 'आज मैं विकसित भारत की यात्रा को और गति देने के लिए आपके बीच आया हूं। अभी जो देश के विकास से जुड़े हजारों करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मैं देश की जनता को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इस विकास पर्व पर आप सभी ने जिस सेवा भाव से और सेवा भाव के साथ, पूरे वडोदरा शहर में स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया है, इसके लिए मैं वडोदरा के हर एक नागरिक को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं, उनकी सराहना करता हूं। 

वडोदराऔर धार के बीच नई मेमू को दिखाया हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम के दौरान प्रतापनगर (वडोदरा) और टांडा रोड (धार) के बीच नई मेमू (MEMU) यात्री ट्रेन सेवा और अन्य ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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'2004 में की गई थी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की परिकल्पना'
‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, विकसित भारत के लिए हमें ऐसी कनेक्टिविटी की जरूरत है, जो न केवल सुविधाजनक हो, बल्कि समय के साथ कदम मिलाने के लिए पर्याप्त तेज भी हो। वडोदरा गति शक्ति विश्वविद्यालय का घर है। आज डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की अंतिम कड़ियां भी यहीं से जुड़ गई हैं। 2,800 किलोमीटर से अधिक लंबी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना आज पूरी हो गई है। 21वीं सदी के भारत के लिए वास्तव में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इस बात का प्रमाण है कि पिछले 12 वर्षों में देश की कार्य संस्कृति में कितना बड़ा बदलाव आया है। इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की परिकल्पना सबसे पहले 2004 में की गई थी... इस परियोजना को पूरा करने के लिए 2006 में एक विशेष कंपनी का गठन किया गया था। लेकिन 2014 तक फाइलें सिर्फ इधर से उधर होती रहीं; वे एक टेबल से दूसरी टेबल तक ही पहुंचती रहीं। और विडंबना देखिए इन फाइलों को भी डेडिकेटेड कॉरिडोर का लाभ नहीं मिला...'

'10 साल में 50 हजार आधुनिक कोच बनाए गए'
प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 10 साल के दौरान रेलवे में 50 हजार नए आधुनिक कोच जोड़े। 

'नाराज फूफा जी लोगों को मुद्दा मिला'
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष को एक बार फिर से निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर के शुरू होने से समानों का आवागमन आसान हुआ है। इससे भी नाराज फूफा जी लोगों को मुद्दा मिल गया है कि ट्रेन से समान ढ़ोने से ट्रक वालों का नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रेल  परियोजनाओं पर होने वाले खर्च से हजारों-हजार लोगों के लिए रोजगार पैदा हो रहे हैं। 

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