प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के फेज-2 के पूनमल्ली-वडापलानी कॉरिडोर का उद्घाटन किया। करीब 4,900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने पोरूर बाईपास स्टेशन से पूनमल्ली बाईपास स्टेशन तक मेट्रो में सफर भी किया और फिर वापस लौटे। इस दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री के इस दौरे में सड़क, रेलवे, बंदरगाह, ऊर्जा, शिक्षा और चिकित्सा अनुसंधान से जुड़ी कई अहम परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का मकसद राज्य में कनेक्टिविटी बेहतर करना, सफर आसान बनाना, कारोबार को बढ़ावा देना और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है। विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पीएम मोदी आईआईटी मद्रास पहुंचे।
IIT मद्रास में ब्रेन सेंटर का किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आईआईटी मद्रास में सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर (SGBC) को देश को समर्पित किया। इसके साथ ही अब यहां एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अभियान की शुरुआत भी करेंगे, जिसके तहत 100 से अधिक मानव मस्तिष्कों का अध्ययन कर उनकी कोशिकीय स्तर तक की विस्तृत त्रि-आयामी संरचनाएं तैयार की जाएंगी। इस शोध में भ्रूण अवस्था से लेकर बुढ़ापे तक जीवन के अलग-अलग चरणों को शामिल किया जाएगा। इससे मानव मस्तिष्क की बनावट और उम्र के साथ उसमें होने वाले बदलावों को समझने में शोधकर्ताओं को मदद मिलेगी।
4,900 करोड़ की लागत से तैयार मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के पूनमल्ली-वडापलानी कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस परियोजना पर करीब 4,900 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने पोरूर बाईपास स्टेशन से पूनमल्ली बाईपास स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी इस दौरान मौजूद रहे। चेन्नई मेट्रो के विस्तार से शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने और लोगों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
3,700 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं से सुधरेगी कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री करीब 3,700 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं से तमिलनाडु में सड़क संपर्क बेहतर होगा, यात्रा में लगने वाला समय कम होगा और शहरों में ट्रैफिक का दबाव घटाने में मदद मिलेगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और राज्य की आर्थिक तरक्की को गति मिलने की भी उम्मीद है।
NH-744 के 36 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-744 के वडुगपट्टी-तेरकुवेंगनल्लूर खंड का उद्घाटन करेंगे। करीब 36 किलोमीटर लंबे इस हिस्से को चार लेन का बनाया गया है। इससे इलाके के प्रमुख धार्मिक स्थलों, औद्योगिक केंद्रों और व्यापारिक क्षेत्रों तक पहुंचना आसान होगा। सड़क बेहतर होने से यात्रियों के साथ-साथ सामान ढोने वाले वाहनों को भी सुविधा मिलेगी। इससे लोगों और माल की आवाजाही पहले के मुकाबले अधिक सुगम हो सकेगी।
मदुरै में 30 किलोमीटर लंबी रिंग रोड से मिलेगी राहत
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-744ए के तहत मदुरै रिंग रोड के 30 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले हिस्से का भी उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के आसपास यातायात को बेहतर तरीके से संचालित करना और अंदरूनी इलाकों में लगने वाले जाम को कम करना है। रिंग रोड के चालू होने से वाहनों को शहर के व्यस्त हिस्सों से होकर गुजरने की मजबूरी कम हो सकती है। इससे स्थानीय लोगों और दूसरे शहरों से आने-जाने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
तिरुवरूर बाईपास से शहर के भीतर कम होगा ट्रैफिक
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-83 के नागपट्टिनम-तंजावुर खंड पर तिरुवरूर बाईपास की आधारशिला रखेंगे। इस बाईपास को चार लेन का बनाया जाना है। परियोजना से तिरुवरूर में सड़क संपर्क मजबूत होगा और शहर के बीच से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्ता मिलेगा। इससे शहर के अंदर यातायात का दबाव कम करने और वाहनों की आवाजाही को आसान बनाने में मदद मिलेगी।
750 करोड़ रुपये से ज्यादा की रेलवे परियोजनाओं की सौगात
प्रधानमंत्री 750 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को देश को समर्पित करेंगे और उनका उद्घाटन करेंगे। इनमें कराईकल-परलम रेलवे लाइन भी शामिल है, जिससे क्षेत्र में रेल संपर्क मजबूत होगा। इसके अलावा, कोयंबटूर और आसपास के इलाकों में तीन रेल फ्लाईओवर भी जनता को समर्पित किए जाएंगे। इन फ्लाईओवरों से व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाला जाम कम करने, लोगों का इंतजार घटाने और सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
पांच अमृत रेलवे स्टेशनों का भी होगा उद्घाटन
प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नए सिरे से विकसित किए गए पांच रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। इनमें पलानी, वेल्लोर कैंटोनमेंट, अंबासमुद्रम, परमाकुडी और नमक्कल स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों को बेहतर यात्री सुविधाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ विकसित किया गया है। स्टेशन पुनर्विकास का उद्देश्य यात्रियों के लिए रेल यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना और रेलवे परिसरों को बेहतर स्वरूप देना है।
चेन्नई पोर्ट पर चार नई सुविधाओं की शुरुआत
प्रधानमंत्री चेन्नई पोर्ट पर चार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें पक्का स्टोरेज यार्ड, चार आयात-निर्यात गोदाम (EXIM Godowns), आधुनिक बनाया गया क्रूज टर्मिनल और सीफेरर्स क्लब शामिल हैं। इन परियोजनाओं से माल रखने और उसकी ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी। क्रूज टर्मिनल के आधुनिकीकरण से एक साथ अधिक यात्रियों के चढ़ने और उतरने की सुविधा मिलेगी। वहीं, सीफेरर्स क्लब में समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले नाविकों और कर्मचारियों के लिए आधुनिक सुविधाएं, मनोरंजन और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
VO चिदंबरनार पोर्ट पर आठ बड़ी परियोजनाओं को मिलेगी गति
प्रधानमंत्री वीओ चिदंबरनार पोर्ट पर आठ प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और कुछ की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बंदरगाह पर माल और कंटेनरों को संभालने की क्षमता बढ़ाना, स्वच्छ समुद्री ऊर्जा की ओर बदलाव के लिए जरूरी ढांचा तैयार करना और माल को बंदरगाह से बाहर पहुंचाने की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। इससे बंदरगाह के भीतर और बाहर माल की आवाजाही बेहतर होने के साथ लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कामराजर पोर्ट पर कोयला बर्थ और ड्रेजिंग परियोजना
प्रधानमंत्री कामराजर पोर्ट पर कोल बर्थ-3 परियोजना का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही कंटेनर टर्मिनल फेज-1 के दूसरे चरण के लिए कैपिटल ड्रेजिंग कार्य की आधारशिला रखेंगे। ड्रेजिंग के तहत बंदरगाह के समुद्री हिस्से में जमा तलछट को हटाकर जरूरी गहराई तैयार की जाती है, ताकि जहाजों की आवाजाही सुचारु हो सके। इन परियोजनाओं से बंदरगाह की क्षमता और माल ढुलाई से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
चेन्नई की मनाली रिफाइनरी में 1,620 करोड़ की परियोजना
प्रधानमंत्री चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (CPCL) की मनाली रिफाइनरी में ग्रुप-II और ग्रुप-III ल्यूब ऑयल बेस स्टॉक्स (LOBS) परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना पर करीब 1,620 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसकी उत्पादन क्षमता सालाना 2.70 लाख मीट्रिक टन होगी। इसके तहत उच्च गुणवत्ता वाले ल्यूब ऑयल बेस स्टॉक्स तैयार किए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल प्रीमियम गुणवत्ता वाले लुब्रिकेंट बनाने में होता है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत में विश्वस्तरीय लुब्रिकेंट के निर्माण के लिए जरूरी कच्चे माल का उत्पादन बढ़ाना है।
स्ट्रोक पर शोध के लिए जारी होगा खास वैज्ञानिक एटलस
प्रधानमंत्री सी-स्ट्रोक नाम का एक विशेष मानव मस्तिष्क एटलस भी जारी करेंगे। इसमें स्ट्रोक से प्रभावित मस्तिष्क के एक हजार से अधिक सूक्ष्म ऊतक खंडों का विस्तृत विवरण शामिल होगा। इस एटलस से दुनिया भर के शोधकर्ताओं को इस्केमिक स्ट्रोक यानी मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति बाधित होने से होने वाले स्ट्रोक को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। इसके जरिए बीमारी के इलाज के लिए नए संभावित लक्ष्यों की पहचान करने का रास्ता भी खुल सकता है।
जयगोपाल गरोड़िया स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे PM मोदी
प्रधानमंत्री चेन्नई के जयगोपाल गरोड़िया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में भी हिस्सा लेंगे। यह समारोह संस्थान के 50 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। स्कूल ने इन पांच दशकों में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया है और कई पीढ़ियों के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की है। संस्थान का जोर शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, सांस्कृतिक मूल्यों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर रहा है।
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‘सा विद्या या विमुक्तये’ है स्कूल का आदर्श वाक्य
जयगोपाल गरोड़िया हिंदू विद्यालय का आदर्श वाक्य ‘सा विद्या या विमुक्तये’ है, जिसका अर्थ है- विद्या वही है जो मुक्ति दिलाए। स्कूल का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करना है, जो शिक्षा और अच्छे मूल्यों के जरिए समाज में सार्थक योगदान दे सकें। स्वर्ण जयंती समारोह संस्थान की पांच दशक की शैक्षणिक यात्रा और विद्यार्थियों के विकास में उसकी भूमिका को रेखांकित करेगा।