पीएम मोदी के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी अरुणाचलम के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. वीएस. अरुणाचलम के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ।
डीआरडीओ के पूर्व महानिदेशक वीएस अरुणाचलम का बुधवार को निधन हो गया। उन्हें साल 2015 में वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए DRDO के लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया है।
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पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर कहा, 'डॉ. वीएस अरुणाचलम का निधन वैज्ञानिक समुदाय और रणनीतिक दुनिया में एक बड़ा खालीपन छोड़ गया है। उनके ज्ञान और अनुसंधान के प्रति जुनून की बहुत प्रशंसा की गई है। उन्होंने भारत की सुरक्षा को मजबूत में अहम योगदान दिया है। हमारी संवेदनाएं उनके परिवारवालों के साथ हैं। ओम शांति।'
पीएम मोदी के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी अरुणाचलम के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के पूर्व वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. वीएस. अरुणाचलम के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। वह रक्षा, प्रौद्योगिकी और परमाणु मामलों पर कई लोगों के गुरु थे।
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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी सोक जताते हुए कहा कि राजा रमन्ना के बाद अरुणाचलम ने 1982-92 के दौरान एक दशक तक डीआरडीओ का मार्गदर्शन किया और उसे आकार दिया।
इंजीनियरिंग विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अरुणाचलम को उनके योगदान के लिए शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार (1980), पद्म भूषण (1985) और पद्म विभूषण (1990) से सम्मानित किया गया था। वह 1982-92 तक रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार भी थे।