राहुल के आरोपों का केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार देर शाम पलटवार किया। उन्होंने कहा कि फेसबुक डाटा चुराने के मामले में कैंब्रिज एनालिटिका को नोटिस मिलने से राहुल चिंतित हैं। इसी गुस्से और हताशा में अब वह न्यायपालिका को राजनीति में घसीट रहे हैं जोकि बहुत ही निंदनीय है।
प्रसाद ने लगातार कई ट्वीट कर राहुल पर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राहुल की टीम इस मामले में भी सही से अपना होमवर्क नहीं कर पाई।
यूपीए वन में हाईकोर्ट में औसत नियुक्ति का आंकड़ा 86 प्रति साल जबकि यूपीए-2 में यह 79 था। एनडीए सरकार में यह आंकड़ा सालाना 109 है। उन्होंने कहा कि एनडीए को अदालतों में जज नियुक्ति की लंबितता यूपीए से विरासत में मिली थी। हम इंफास्ट्रक्चर, आधुनिकीकरण और तकनीक का इस्तेमाल कर न्यायिक प्रक्रिया में तेजी ला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में 126 हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति की गई। यह आजादी के बाद सबसे अधिक नियुक्ति का रिकॉर्ड है। मई 2014 से अब तक एनडीए सरकार ने 17 सुप्रीम कोर्ट के जज, 326 हाईकोर्ट जज और 304 एडिशनल जजों की नियुक्ति की है। इसके अलावा हाईकोर्ट में 173 जजों के नए पद बनाए गए जबकि यूपीए-2 में केवल 20 जजों के पद सृजित किए गए थे।