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PM Modi: CCS की बैठक में नेपाल के घटनाक्रम पर चर्चा, पीएम बोले- पड़ोसी देश में हिंसा हृदयविदारक, शांति जरूरी

Tue, 09 Sep 2025 10:27 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में हुई हिंसा को हृदयविदारक बताते हुए जानकारी दी कि कैबिनेट सुरक्षा समिति में पड़ोसी देश के हालात पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए नेपाल में स्थिरता, शांति और समृद्धि बेहद जरूरी है। उन्होंने नेपाल के नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जानकारी दी कि कैबिनेट सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक में नेपाल के घटनाक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है। प्रधानमंत्री ने नेपाल में हुई हिंसा को हृदयविदारक बताया और कहा कि पड़ोसी देश में स्थिरता, शांति और समृद्धि हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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उन्होंने एक्स पर लिखा, आज हिमाचल प्रदेश और पंजाब के दौरे से लौटने के बाद कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक में नेपाल के घटनाक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। नेपाल में हुई हिंसा हृदयविदारक है। यह जानकर बहुत पीड़ा हुई कि इसमें अनेक युवाओं की जान गई है। नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मैं नेपाल के अपने सभी भाई-बहनों से विनम्र अपील करता हूं कि वे शांति-व्यवस्था बनाए रखें।

सेना संभालेगी सुरक्षा की कमान 
उधर, नेपाल के प्रधानमंत्री केपीस शर्मा ओली के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद नेपाल सेना ने घोषणा की कि वह रात 10 बजे से सुरक्षा की कमान संभालेगी। जनसंपर्क और सूचना निदेशालय की ओर जारी एक बयान में सेना ने चेतावनी दी कि कुछ समूह इस कठिन परिस्थिति का गलत फायदा उठा रहे हैं और आम नागरिकों व सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। सेना ने यह भी कहा कि अगर अशांति जारी रही तो सेना और सभी सुरक्षा एजेंसियों कोसक्रिय किया जाएगा। नागरिकों से विनाशकारी गतिविधियों में शामिल न होने की अपील की गई।
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नेपाल संकट पर चीन ने साधी चुप्पी
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नेपाल में ओली के इस्तीफे और राजनीतिक वर्ग के खिलाफ छात्रों के हिंसक आंदोलन पर चीन ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ओली को लंबे समय से चीन समर्थक नेता माना जाता है। मंगलवार को उन्होंने भारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के आवास, राजनीतिक दलों के दफ्तर और संसद भवन पर हमले किए। एक दिन पहले ही पुलिस कार्रवाई में कई लोगों की मौत हुई थी। चीन की चुप्पी नेपाल के बदलते राजनीतिक समीकरणों पर और सवाल खड़े कर रही है।

(अधिक जानकारी अपडेट की जा रही है...)

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