नोटबंदी के कदम को 50 दिन पूरे होने के बाद पीएम मोदी नए साल की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं। सरकार के शीर्ष सूत्रों ने इस बात के संकेत दिए हैं कि पीएम मोदी 31 दिसंबर की शाम को राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी नोटबंदी पर समर्थन जताने के लिए जनता का आभार जताने के साथ ही नोटबंदी के फायदे गिनवाएंगे। साथ ही बीते 50 दिनों में सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए, उनका ब्योरा भी दिया जाएगा।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए रियायतों की घोषणा के साथ किसानों और मजदूरों के लिए भी कुछ एलान संभव है। वह नोटबंदी के बाद से एक बड़ी समस्या बने नकदी के प्रवाह को सुगम बनाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी खासतौर पर बोल सकते हैं। वह 8 नवंबर को हुई नोटबंदी की घोषणा के बाद अर्थव्यवस्था के सामने पेश आई समस्याओं से निपटने के कदमों पर भी बोल सकते हैं।
सूत्र बताते हैं कि नोटबंदी का कदम उठाने के दिन यानी 8 नवंबर को सरकार के खजाने में आए 500 और 1000 के नोटों का भी हिसाब-किताब पेश कर सकते हैं। जनधन खातों को लेकर भी महत्वपूर्ण एलान संभव है। विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब देने के लिए मोदी से पहले ही सरकार के मंत्रियों ने मैदान संभाल लिया।
बृहस्पतिवार को एक-एक कर सरकार के तीन शीर्ष मंत्रियों अरुण जेटली, वेंकैया नायडू और राधा मोहन सिंह ने नोटबंदी के कदम का न सिर्फ बचाव किया बल्कि इसके सुनहरे भविष्य को भी जनता के सामने पेश किया। बताया जा रहा है कि 2 और 3 जनवरी को सरकार के वरिष्ठ मंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर नोटबंदी से हुए फायदों को जनता के सामने रखेंगे।