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बचपन में हर रोज अपना जूता देखने जाते थे हरिवंश, पीएम मोदी ने सुनाए दो किस्से

Tue, 15 Sep 2020 02:42 AM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Harivansh narayan singh - फोटो : PTI
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राज्यसभा में एनडीए उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह सोमवार को दूसरी बार उपसभापति चुने जाने पर प्रधानमंत्री मोदी ने बधाई दी। उन्होंने कहा, सदन के सदस्य सभापति और उपसभापति को कार्यवाही चलाने के लिए जितना सहयोग करेंगे, उतना समय का सदुपयोग होगा। मैंने पिछली बार अपने संबोधन में कहा था कि मुझे भरोसा है कि जैसे हरि सबके होते हैं, वैसे सदन के हरि भी पक्ष और विपक्ष सबके रहेंगे। सदन के हरिवंश जी इस पार और उस पार सबके एक तरह से रहे और भेदभाव नहीं किया। पीएम ने हरिवंश की विनम्रता और उनकी साधारण पृष्ठभूमि को बताने के लिए दो किस्सों का जिक्र भी किया।

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पीएम ने कहा कि हरिवंश जी जयप्रकाश के गांव सिताब दियारा से आते हैं। यही गांव जेपी का भी जन्मस्थान है। दो राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार के तीन जिलों आरा, बलिया, छपरा में बंटा हुआ क्षेत्र, दो नदिया, गंगा और घाघरा के बीच स्थित दियारा, टापू जैसा। हर साल जमीन बाढ़ से घिर जाती थी। बमुश्किल एक फसल हो पाती थी। कहीं आने-जाने के लिए नदी नाव पार करके ही जा सकते थे। संतोष ही सुख है यह व्यवहार हरिवंश जी को अपने गांव और घर की परिस्थिति से मिला। मोदी ने कहा, हरिवंश किस पृष्ठभूमि से निकले हैं, उससे जुड़ा किस्सा किसी ने मुझे बताया था। हाईस्कूल में आने के बाद पहली बार हरिवंश जी के लिए जूता बनाने की बात हुई थी। उसके पहले उनके पास कोई जूता नहीं था। गांव के एक जूता बनाने वाले को हरिवंश जी के लिए जूता बनाने को कहा गया। हरिवंश जी अक्सर उस बनते हुए जूते को देखने जाते थे कि कितना बना है, जैसे रईस लोग देखने जाते हैं कि बंगला कितना बना है। उसी तरह हरिवंश जी जूता कैसा बन रहा है कितना बना है देखने के लिए पहुंच जाते थे। जूता बनाने वाले से हर दिन सवाल करते थे कि कब तक बन जाएगा। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हरिवंश जी जमीन से इतना कैसे जुड़े हुए हैं।

पहली स्कॉलरशिप मिली तो पूरे पैसों से खरीद ली किताबें
पीएम ने कहा, हरिवंश जी पर जेपी का प्रभाव बहुत था। उसी दौर में उनका किताबों से भी लगाव बढ़ता गया। उससे भी जुड़ा एक किस्सा मुझे पता चला। हरिवंश जी को पहली बार जब सरकारी स्कॉलरशिप मिली तो घर के लोग उम्मीद लगाए बैठे थे कि बेटा पूरा पैसा घर लेकर आएगा, लेकिन हरिवंश जी पैसे की बजाय किताबें खरीद लीं। हरिवंश जी के जीवन में किताबों का जो प्रवेश हुआ था वह अब भी उसी तरह बरकरार है।
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पीएम ने कहा कि चार दशकों तक सरोकारों की पत्रकारिता करने के बाद 2014 में संसदीय जीवन में प्रवेश किया था। सदन के उपसभापति के तौर पर उन्होंने जिस तरह मर्यादा का ध्यान रखा उसी तरह सदस्य के तौर पर भी उनका कार्यकाल गरिमापूर्ण रहा है। बतौर सदस्य तमान विषयों पर वह अपनी बात रखते हैं।  

हर सदस्य के मन में सम्मान
पीएम मोदी ने कहा, सामाजिक कार्यों, पत्रकारिता की दुनिया में हरिवंश जी ने जिस तरह की ईमानदार छवि बनाई, उसके लिए मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान रहा है। यही सम्मान सदन के हर सदस्य के मन में भी है। यह भाव और आत्मीयता हरिवंश जी की अपनी कमाई हुई पूंजी है। जिस तरह वे सदन को चलाते हैं, उसको देखते हुए यह स्वाभाविक भी है। इस बार यह सदन अपने इतिहास में सबसे अलग संचालित हो रहा है। कोरोना के कारण जैसी परिस्थितियां हैं, उसमें यह सदन काम करे और जरूरी जिम्मेदारियों को पूरा करे, हम सभी का कर्तव्य है।

एक शानदार अंपायर हैं हरिवंश : मोदी
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सांसद हरिवंश नारायण सिंह के दोबारा से राज्यसभा का उपसभापति बनने पर सभी दलों ने उन्हें बधाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, हरिवंश जी ने निष्पक्ष तरीके से कार्यवाही का संचालन किया और वह एक शानदार अंपायर हैं और सदन का हर सदस्य उनके प्रति यही विचार रखता है। उच्च सदन में हरिवंश की निष्पक्ष भूमिका देश के लोकतंत्र को मजबूत करती है। सांसद बनने के  बाद हरिवंशजी ने हमेशा सुनिश्चित किया है कि सभी सांसद कैसे अधिक कर्तव्यनिष्ठ बन सकें।
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