अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार जीतने पर अभिजीत बनर्जी को बधाई मिलने का सिलसिला जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नोबेल पुरस्कार जीतने पर अभिजीत बनर्जी को बधाई दी है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर अभिजीत बनर्जी को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
पीएम ने लिखा- अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार जीतने पर मैं अभिजीत बनर्जी को बधाई देता हूं। उन्होंने गरीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं एस्थर डल्फो और माइकल क्रेमर को भी नोबेल पुरस्कार जीतने पर बधाई देता हूं।
मनमोहन ने भी दी बधाई
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय मूल के अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी का नोबेल पुरस्कार के लिए चयन होने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनके लिए खुशी की बात है कि अर्थशास्त्र में एक बार फिर से एक भारतीय को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिलने जा रहा है।
सिंह ने बनर्जी को पत्र लिखकर कहा कि यह मेरे लिए खुशी और गर्व की बात है कि आप दूसरे भारतीय हैं जिन्हें अर्थशास्त्र में नोबेल मिला है। इससे पहले मेरे प्रिय मित्र प्रोफेसर आमर्त्य सेन को मिला था। मुझे इस बात की खुशी है कि आपकी पत्नी एस्थर डुफ्लो को भी आपके साथ संयुक्त रूप से नोबेल के लिए चुना गया है।
उन्होंने कहा कि मेरी ओर से आपको और दूसरे लोगों को बहुत बधाई। मुझे खुशी है कि अर्थशास्त्र के एक विद्यार्थी को सम्मानित किया जा रहा है।
इन्हें मिला नोबेल पुरस्कार
भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी और उनकी पत्नी एस्थर डफ्लो को साल 2019 के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया जाएगा। उनके साथ ही अर्थशास्त्री माइकल क्रेमर को भी इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। तीनों को संयुक्त रूप से यह सम्मान दिया जाएगा। नोबेल पुरस्कार समिति ने कहा कि तीनों अर्थशास्त्रियों को 'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गरीबी कम करने के उनके प्रयोगात्मक नजरिए' के लिए पुरस्कार दिया जा रहा है।
कौन हैं अभिजीत बनर्जी
58 वर्षीय अभिजीत बनर्जी अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (एमआईटी) में अर्थशास्त्र पढ़ाते हैं। बनर्जी ने साल 1981 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक की डिग्री (बीएससी) लेने के बाद 1983 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से एमए की पढ़ाई की। इसके बाद 1988 में उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरा किया।