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PRAGATI Meet: 30 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर पीएम मोदी की सख्त समीक्षा, साइबर अपराध पर भी जताई गहरी चिंता

Wed, 24 Jun 2026 11:17 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

PM Modi Chairs PRAGATI Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'प्रगति' की 52वीं बैठक में 30 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली चार बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने परियोजनाओं में देरी पर चिंता जताते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। बैठक में पीएम गतिशक्ति योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, साइबर अपराध, डिजिटल गिरफ्तारी और ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। आइए, विस्तार से जानते हैं कि बैठक में क्या कुछ हुआ...
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प्रगित बैठक में पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 'प्रगति' (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) की 52वीं बैठक में करीब 30 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली चार बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी सिर्फ लागत नहीं बढ़ाती, बल्कि लोगों और उद्योगों को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों को मिशन मोड में हल करने और परियोजनाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।

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नई दिल्ली के सेवा तीर्थ में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल से जुड़ी चार प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया। ये परियोजनाएं चार राज्यों में फैली हुई हैं और क्षेत्रीय संपर्क, आर्थिक विकास तथा जनकल्याण की दृष्टि से अहम मानी जा रही हैं। बैठक में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, परियोजनाओं की समयसीमा और बाधाओं को दूर करने पर विशेष जोर दिया गया।

परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए पीएम ने क्या निर्देश दिए?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं से जुड़ी सभी जानकारियां, उपयोगिताएं, स्वीकृतियां और जमीनी स्थिति को पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जाना चाहिए। इससे रुकावटों की पहले से पहचान की जा सकेगी और वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर बेहतर फैसले लिए जा सकेंगे।

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टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर क्या कहा गया?

बैठक में प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने इस अभियान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि जागरूकता फैलाने, मरीजों की निगरानी और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए एनसीसी कैडेटों और 'माय भारत' स्वयंसेवकों की एक विशेष टीम बनाई जानी चाहिए।

साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी पर पीएम ने क्यों जताई चिंता?

प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए अलग-अलग एजेंसियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। इसके लिए स्पष्ट जवाबदेही, त्वरित कार्रवाई और कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों तथा डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

ई-जीरो एफआईआर को लेकर राज्यों से क्या अपील की गई?

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान रोकने और लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से रोकथाम, जांच, रिपोर्टिंग और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने की अपील की। साथ ही राज्यों से साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित पंजीकरण और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम करने को कहा।

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