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Wildlife: PM की अध्यक्षता में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की 7वीं बैठक; नदी में डॉल्फिन की संख्या पर रिपोर्ट जारी

Mon, 03 Mar 2025 08:01 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गुजरात दौरे पर पीएम मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की 7वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक कई मायनों में अहम रही। देश में पहली बार नदी में डॉल्फिन की संख्या को लेकर रिपोर्ट जारी हुई है।
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पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुए कई बड़े फैसले - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केंद्र सरकार एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट लायन पर 2,900 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सातवीं राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे मंजूरी दी। इसके अलावा पीएम ने इस साल मई में एशियाई शेरों की 16वीं जनगणना का भी एलान किया। एशियाई शेरों की गिनती हर पांच साल में की जाती है। पिछली बार 2020 में की गई थी। गिर वन्यजीव अभयारण्य के मुख्यालय सासन में हुई इस बैठक में पीएम ने जूनागढ़ जिले के न्यू पिपल्या में 20.24 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर वन्यजीवों के लिए एक राष्ट्रीय रेफरल केंद्र की आधारशिला रखी। इसे एक राष्ट्रीय परियोजना के हिस्से के रूप में स्थापित किया जा रहा है। यह वन्यजीव स्वास्थ्य और रोग प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं के समन्वय और प्रशासन के लिए केंद्र के रूप में कार्य करेगा।  
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अत्याधुनिक अस्पताल भी स्थापित किया  
सरकार ने संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने के लिए सासन में वन्यजीव ट्रैकिंग के लिए एक उच्च तकनीक निगरानी केंद्र और एक अत्याधुनिक अस्पताल भी स्थापित किया है। एशियाई शेर सिर्फ गुजरात में पाए जाते हैं। वर्तमान में एशियाई शेर गुजरात के 9 जिलों के 53 तालुकाओं में लगभग 30,000 वर्ग किमी में निवास करते हैं। यह देखते हुए कि एशियाई शेरों ने अब प्राकृतिक फैलाव के माध्यम से बर्दा वन्यजीव अभयारण्य को अपना घर बना लिया है, प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि बर्दा में शेर संरक्षण को आवास सुधार प्रयासों के माध्यम से समर्थन दिया जाएगा।

 गुजरात समेत अन्य क्षेत्रों में लाए जाएंगे चीते
पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि चीतों को मध्य प्रदेश के गांधीसागर अभयारण्य और गुजरात के बन्नी घास के मैदानों सहित अन्य क्षेत्रों में भी लाया जाएगा। पीएम ने बाघ अभयारण्यों के बाहर बाघों के संरक्षण पर केंद्रित एक योजना की घोषणा की।
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ये अहम फैसले भी किए गए
मोदी ने कोयंबटूर के एसएसीओएन में मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की घोषणा की। वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री ने घड़ियालों के लिए एक नई परियोजना और राष्ट्रीय ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण कार्य योजना की भी घोषणा की है। साथ ही पीएम ने जंगल की आग और मानव-पशु संघर्ष जैसी समस्याओं से निपटने के लिए रिमोट सेंसिंग और भू-स्थानिक मानचित्रण और एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर जोर दिया।

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क्यों अहम थी गुजरात में आयोजित NBWL की सातवीं बैठक
गुजरात के गिर में हुई राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की सातवीं बैठक में डॉल्फिन गणना की पहली रिपोर्ट के अलावा सरकार को दी गई अहम सलाह भी सामने आई। वन्यजीव संरक्षण पर सरकार को सलाह देने वाली वैधानिक संस्था एनबीडब्ल्यूएल में 47 सदस्य हैं। इनमें सेना प्रमुख, अलग-अलग राज्यों के सदस्य और वन्यजीवों पर काम करने वाले एनजीओ के प्रतिनिधि भी व्यापक मंथन के बाद सरकार को सलाह देते हैं। प्रधानमंत्री एनबीडब्ल्यूएल के पदेन अध्यक्ष होते हैं। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री बोर्ड के उपाध्यक्ष हैं।
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