वर्ष 2022 तक न्यू इंडिया का सपना साकार करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने गरीबों का जीवन स्तर सुधारने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर बल दिया। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की चौथी बैठक में मुख्यमंत्रियों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि चरणबद्घ तरीके से पिछड़े जिलों और किसानों-गरीबों के कल्याण कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर उतारने पर ही न्यू इंडिया का सपना साकार हो सकता है। इस दौरान पीएम ने वर्ष 2017-18 के चौथी तिमाही में 7.7 फीसदी के विकास दर को दो अंकों तक ले जाने को अहम चुनौती बताया।
चौतरफा संतुलित विकास से ही हासिल होगा 'न्यू इंडिया' का लक्ष्य
पीएम ने कहा कि गरीब कल्याण योजनाओं में राज्यों की अहम भूमिका ने उम्मीदें बढ़ाई है। वर्ष 2022 तक न्यू इंडिया के निर्माण के प्रति राज्य भी अपना संकल्प दिखा रहे हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए गरीबों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। चिन्हित 115 बीमारू जिलों के विकास के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास की जरूरत है। आयुष्मान भारत योजना के तहत डेढ़ लाख स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण और 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने के लिए योजना बनाई गई है।
बोले- विकास दर को दो अंकों में ले जाना है चुनौती
समग्र शिक्षा, पोषण, मिशन इंद्रधनुष, ग्राम सुराज अभियानों के जरिए न्यू इंडिया के लिए स्वस्थ भारत निर्माण का भी लक्ष्य तैयार किया गया है। पीएम ने राज्यों की भूमिका की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि गवर्निंग काउंसिल ने सहकारिता, प्रतिस्पर्धी संघवाद की भावना के सथ टीम इंडिया के रूप में जटिल मुद्दों का समाधान किया है। इसमें राज्यों में अहम भूमिका निभाई है।
विकास दल को दोहरे अंकों में ले जाना चुनौती
पीएम ने इस दौरान आर्थिक विकास दर में प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 2017-18 की चौथी तिमाही में विकास दर 7.7 फीसदी की दर से बढ़ी है। अब चुनौती से दोहरे अंक तक ले जाने की है। उन्होंने कहा कि देश में क्षमताओं, संसाधनों और सामर्थ्य की कमी नहीं है। चालू वित्त वर्ष के दौरान राज्यों को केंद्र से 11 लाख करोड़ रुपये अधिक प्राप्त हुए हैं। यह पिछली सरकार के अंतिम वर्ष से 6 लाख करोड़ ज्यादा है।