दिल्ली के लालकिले के पास हुए धमाके के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक बुलाई। इससे पहले उन्होंने एलएनजेपी अस्पताल में घायलों से मुलाकात कर साजिशकर्ताओं को सजा दिलाने का भरोसा दिया।
दिल्ली में लालकिले के पास हुए भीषण धमाके के बाद हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटाने से लौटकर तुरंत पहले एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे। इसके बाद बुधवार शाम 5:30 बजे तक कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी यानी सीसीएस की अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें ही जांच की रिपोर्ट पेश की जाएगी। सोमवार शाम हुए इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक लोग घायल हैं। राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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भूटान से लौटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी सीधे दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की। डॉक्टरों और अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि दिल्ली धमाके में घायल लोगों से अस्पताल में मुलाकात की। सबके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। साजिश रचने वाले न्याय से बच नहीं पाएंगे।
पीएम मोदी का कड़ा रुख और बयान
भूटान में एक समारोह के दौरान भी प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दिल्ली धमाके से व्यथित हैं और एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं। मोदी ने कहा था कि मैं रातभर एजेंसियों के संपर्क में रहा। यह एक भयावह घटना है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया है। हमारी एजेंसियां इस साजिश की जड़ तक जाएंगी और दोषियों को सजा दिलाएंगी।
धमाके की जांच और आतंकी लिंक
10 नवंबर की शाम लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास एक ह्यूंडई i20 कार में जबरदस्त धमाका हुआ था। पुलिस जांच में पता चला है कि इसका संबंध फरीदाबाद में उजागर हुए आतंकी मॉड्यूल से है। इसमें जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गज़वत-उल-हिंद जैसे संगठनों के सदस्य शामिल हैं। तीन डॉक्टरों समेत आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई है और करीब 2,900 किलो विस्फोटक बरामद हुआ। अब इस केस की जांच एनआईए के हवाले कर दी गई है।