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PM In Brunei: पीएम मोदी का ब्रुनेई दौरा कितना अहम, दक्षिण चीन सागर की सीमा पर बसा देश हमारे लिए खास क्यों?

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 03 Sep 2024 06:00 PM IST

सार

PM Modi In Brunei: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 से 4 सितंबर तक ब्रूनेई की यात्रा पर हैं। यह यात्रा भारत और ब्रुनेई के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है। करीब 4.5 लाख आबादी वाला देश भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और एशिया-प्रशांत के विजन के लिए एक अहम भागीदार है।
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ब्रुनेई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : AMAR UJALA
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त विदेश दौरे पर हैं। वह ब्रुनेई की दो दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को ब्रुनेई पहुंचे। यहां उनका भव्य स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रुनेई सुल्तान हाजी हसनल बोलकिया के निमंत्रण पर 3 और 4 सितंबर को ब्रुनेई की यात्रा पर हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने कहा कि इस दौरे से दोनों देश के ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी।

करीब साढ़े चार लाख की आबादी वाले ब्रुनेई का प्रधानमंत्री मोदी का दौरा ऐतिहासिक है। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ब्रुनेई का पहला द्विपक्षीय दौरा होगा। यह यात्रा उस वक्त हो रही है जब दोनों देश अपने राजनीयिक संबंधों की स्थापना के 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। पश्चिम एशियाई देश भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और हिंद-प्रशांत विजन के लिए अहम भागीदार हैं। 


आइये जानते हैं कि पीएम मोदी की ब्रुनेई यात्रा का कार्यक्रम क्या है? इस दौरे के एजेंडे में क्या? इस दौरे में क्या-क्या होगा? भारत और ब्रुनेई के रिश्ते कैसे हैं?
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ब्रुनेई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : AMAR UJALA
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त विदेश दौरे पर हैं। वह ब्रुनेई की दो दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को ब्रुनेई पहुंचे। यहां उनका भव्य स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रुनेई सुल्तान हाजी हसनल बोलकिया के निमंत्रण पर 3 और 4 सितंबर को ब्रुनेई की यात्रा पर हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने कहा कि इस दौरे से दोनों देश के ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी।

करीब साढ़े चार लाख की आबादी वाले ब्रुनेई का प्रधानमंत्री मोदी का दौरा ऐतिहासिक है। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ब्रुनेई का पहला द्विपक्षीय दौरा होगा। यह यात्रा उस वक्त हो रही है जब दोनों देश अपने राजनीयिक संबंधों की स्थापना के 40वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। पश्चिम एशियाई देश भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और हिंद-प्रशांत विजन के लिए अहम भागीदार हैं। 

आइये जानते हैं कि पीएम मोदी की ब्रुनेई यात्रा का कार्यक्रम क्या है? इस दौरे के एजेंडे में क्या? इस दौरे में क्या-क्या होगा? भारत और ब्रुनेई के रिश्ते कैसे हैं?

ब्रुनेई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : AMAR UJALA
पहले ब्रुनेई के बारे में जान लेते हैं? 
ब्रुनेई एक छोटा तेल समृद्ध सल्तनत है जिसकी आबादी करीब 4.5 लाख है। यह दक्षिण-पूर्व एशिया में जनसंख्या के हिसाब से सबसे छोटा देश भी है। ब्रुनेई आधिकारिक तौर पर मुस्लिम देश है और मलय इसकी आधिकारिक भाषा है। इसकी भौगिलिक स्थिति भी काफी अहम है। यह दक्षिण-पूर्वी एशिया, बोर्नियो द्वीप के उत्तरी तट के साथ, दक्षिण चीन सागर और मलेशिया की सीमा पर स्थित है। दक्षिण चीन सागर के जरिए हिंद और प्रशांत महासागरों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों के करीब है। 



इसकी अर्थव्यवस्था लगभग तेल और गैस के व्यापार पर आधारित है। ब्रुनेई एशिया में दूसरा सबसे अधिक प्रति व्यक्ति आय वाला देश है।

ब्रुनेई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई/एक्स/एमईए
पीएम मोदी की ब्रुनेई यात्रा का कार्यक्रम क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 से 4 सितंबर तक ब्रूनेई की यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ब्रुनेई के सुल्तान हाजी हसनल बोलकिया और शाही परिवार के अन्य सम्मानित सदस्यों के साथ बैठक करेंगे। यह यात्रा भारत और ब्रुनेई के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है।

इससे पहले प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने अक्तूबर 2013 में ब्रुनेई दारुस्सलम में आयोजित 11वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 8वें ईएएस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्रुनेई दारुस्सलम का दौरा किया था। यह भारत के प्रधानमंत्री की ब्रुनेई दारुस्सलाम की पहली यात्रा थी। वहीं प्रधानमंत्री मोदी और सुल्तान की पहली मुलाकात नवंबर 2014 में नेपीता में 25वें आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। दोनों नेताओं की मुलाकात नवंबर 2017 में मनीला में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान भी हुई थी।

ब्रुनेई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : https://x.com/narendramodi
इस दौरे के एजेंडे में क्या है?
पीएम मोदी की ब्रुनेई यात्रा पर विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार ने कहा कि प्रधानमंत्री ब्रुनेई के साथ संबंधों और सहयोग के सभी पहलुओं पर द्विपक्षीय चर्चा करेंगे।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने मजूमदार के हवाले से कहा, 'हमारे ब्रुनेई के साथ बहुत ही मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। हमारे संबंध रक्षा, व्यापार और निवेश, ऊर्जा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण, संस्कृति और मानवीय आदान-प्रदान जैसे कई क्षेत्रों में हैं।'

विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि ब्रुनेई भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और एशिया-प्रशांत के लिए विजन के लिए एक अहम भागीदार है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, 'चूंकि हम इस साल अपनी एक्ट ईस्ट पॉलिसी के एक दशक पूरे कर रहे हैं, इसलिए यह दौरा अधिक महत्व रखता है। ब्रुनेई 2012 से 2015 तक आसियान में हमारा देश समन्वयक रहा है और आसियान के साथ हमारे आगे के जुड़ाव में एक अहम भूमिका निभाई है और आज भी ऐसा करना जारी रखता है।'

यात्रा में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। दोनों देश रक्षा क्षेत्र में सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह बना सकते हैं। रक्षा के अलावा, इस यात्रा में ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करने पर जोर दिया जा सकता है। 

ब्रुनेई में भारतीय उच्चायुक्त आलोक अमिताभ डिमरी ने कहा, 'हम एक संयुक्त बयान की उम्मीद कर रहे हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों का जायजा लेगा। भारत का ब्रुनेई में एक अंतरिक्ष स्टेशन भी है, जो इसरो को कुछ प्रमुख प्रक्षेपणों में मदद करता है।'

ब्रुनेई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : https://x.com/narendramodi
भारत और ब्रुनेई के रिश्ते कैसे रहे हैं?
दोनों के बीच राजनयिक संबंध मई 1984 में स्थापित किए गए थे। मई 1993 में ब्रुनेई दारुस्सलाम में भारतीय मिशन स्थापित किया गया था। ब्रुनेई दारुस्सलम का उच्चायोग भारत में अगस्त 1992 में स्थापित किया गया था। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, गुटनिरपेक्ष आंदोलन, राष्ट्रमंडल, आसियान जैसे अहम अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के सदस्य हैं। 

ब्रुनेई के सुल्तान भारत के साथ घनिष्ठ संबंधों के सबसे मजबूत समर्थकों में से रहे हैं। ब्रुनेई सरकार भारत की 'लुक ईस्ट पॉलिसी' और 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का समर्थन करती रही है। यह आम तौर पर भारत और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के चुनावों में उसकी उम्मीदवारी का समर्थन करता रहा है। 
 

आर्थिक रिश्ते कैसे हैं?
2023 में ब्रुनेई दारुस्सलम का भारत के साथ कुल व्यापार 195.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर का रहा है। भारत से ब्रुनेई को निर्यात होने वाले मुख्य उत्पादों में ऑटोमोबाइल, परिवहन उपकरण, चावल और मसाले शामिल हैं। भारत ब्रुनेई से कच्चे तेल का सबसे बड़ा आयातक है और हर साल लगभग 500-600 मिलियन अमेरिकी डॉलर का कच्चा तेल आयात करता रहा है।

ब्रुनेई में भारतीय समुदाय कितना बड़ा है?
ब्रुनेई में भारतीय प्रवासियों का प्रवास कई दशकों से चल रहा है। इनमें से पहला 1930 के दशक में आया था। उसके बाद से लगातार प्रवासियों की संख्या बढ़ती ही गई। वर्तमान में, ब्रुनेई की कुल जनसंख्या लगभग 450,500 में से लगभग 14,500 भारतीय रहते हैं। आधे से अधिक भारतीय प्रवासी अर्ध और अकुशल श्रमिक हैं, जो तेल और गैस उद्योग, निर्माण, खुदरा व्यापार आदि में काम करते हैं। ब्रुनेई में डॉक्टरों की एक बड़ी संख्या भारत से है। यहां काफी संख्या में भारतीय शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर और आईटी पेशेवर के साथ व्यवसायी रहते हैं। 
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