प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में भीतरी बनाम बाहरी के मुद्दे को उछालने को लेकर वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने करीब 68 मिनट के संबोधन में कहा, मार्क्स और लेनिन में विश्वास करने वाले और कांग्रेस से निकली तृणमूल जैसी पार्टियां भीतरी हैं, तो भाजपा जिसके प्रेरणा स्रोत श्यामा प्रसाद मुखर्जी रहे हैं, वह किस आधार पर बाहरी लोगों की पार्टी हो सकती है।
कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में रविवार को एक रैली के जरिये भाजपा के चुनावी अभियान को धार देते हुए पीएम ने कहा, चुनाव में एक तरफ दीदी, लेट कांग्रेस और उनका बंगाल विरोधी रवैया है और दूसरी तरफ खुद बंगाल की जनता कमर कसकर खड़ी हो गई है। ब्रिगेड ग्राउंड में आप लोगों की हुंकार सुनने के बाद किसी को संदेह नहीं रह जाएगा। कुछ को लग रहा होगा कि आज दो मई आ गई है।
पीएम ने ममता के लिए कहा, दीदी को मैं वर्षों से जानता हूं। ये वह दीदी नहीं है जिन्होंने वामपंथ के अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाई थी। दीदी पर अब उनका अपना भी बस नहीं है, दीदी का रिमोट कंट्रोल अब कहीं और है, इसलिए वह ऐसी बातें कर रही हैं, जो बंगाल की मूल सोच और परंपरा के विरुद्ध है।
पीएम ने कहा, 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तब बंगाल पूरे हिंदुस्तान को आगे ले जाने वाला राज्य बन जाएगा। नौका से लेकर खेल, चाय से लेकर पर्यटन तक, माछ (मछली) से लेकर भात तक वह सब कुछ है बंगाल में, जो जीवन को बेहतर बना सके। बस साफ नीयत के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।
वाम दलों पर तंज, काला हाथ गोरा कैसे हो गया
प्रधानमंत्री मोदी ने वाम दलों पर तंज कसते हुए कहा कि वामपंथियों ने नारा दिया- कांग्रेस का हाथ काला है, उसे तोड़ दो और काटकर फेंक दो। ऐसे ही नारों पर वामपंथी सत्ता में आए और तीन दशकों तक सत्ता संभाली। आज उस काले हाथ का क्या हुआ। ये काला हाथ कैसे गोरा हो गया। जिस हाथ को वामपंथी तब काला समझते थे, वह आज सफेद कैसे हो गया। जिस हाथ को तोड़ने की बात करते थे, आज उसी का आशीर्वाद लेते हुए चल रहे हैं।
ममता के भतीजे पर वार, दोस्ती चलेगी या तोलाबाजी
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर प्रहार करते हुए मोदी ने कहा- मेरे आप सभी दोस्त बताइए, दोस्ती चलेगी या तोलाबाजी? आपके इसी जोश से दीदी और उनके साथियों की नींद उड़ी हुई है। तभी तो ये लोग कह रहे हैं कि इस बार खेला होबे।
इस बार तृणमूल साफ के इरादे से आगे बढ़ना है
पीएम ने कहा, बंगाल में डर और भय के पुराने दिन दो मई से आगे नहीं चलने वाले हैं। लोकतंत्र सर्वोपरि है। हर वोटर से कहूंगा कि लोकसभा चुनाव में आपका मंत्र था-चुपचाप कमल छाप। इस बार आपको जोर से छाप, तृणमूल कांग्रेस साफ के इरादे से आगे बढ़ना है। ब्रिगेड मैदान फिर से बंगाल में लोकतंत्र स्थापित करने जा रहा है और आप उसके साक्षी बनेंगे।
बंगाल ने एक स्वर में आवाज उठाई, नहीं सहेंगे अन्याय
पूरा बंगाल एक स्वर में बोल रहा है- अब अन्याय नहीं सहेंगे। भ्रष्टाचार अब नहीं, अब नहीं। तोलाबाजी अब नहीं-अब नहीं। कटमनी अब नहीं-अब नहीं। सिंडिकेट अब नहीं-अब नहीं। बेरोजगारी अब नहीं-अब नहीं। हिंसा अब नहीं-अब नहीं। आतंक अब नहीं-अब नहीं। तुष्टिकरण अब नहीं-अब नहीं। अन्याय अब नहीं-अब नहीं।
भाजपा में शामिल होने के बाद मिथुन बोले, बंगाल में रहने वाला हर कोई बंगाली
कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंच पर मिथुन चक्रवर्ती ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता लेने के बाद अपनी फिल्म का एक मशहूर डायलॉग भी दोहराया और कहा कि मारेंगे यहां लाश गिरेगी श्मशान में।
उन्होंने कहा, जब मैं 18 साल का था, तभी से मेरी कामना थी कि मैं गरीबों के लिए कुछ करूं, आज वह सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा, मुझ पर भरोसा रखना। मैंने किसी का साथ नहीं छोड़ा है। ममता बनर्जी का नाम लिए बिना बाहरी बनाम भीतरी का जवाब देते हुए मिथुन ने कहा, बंगाल में रहने वाला हर कोई बंगाली है।
इससे पहले मिथुन को बंगाल भाजपा के प्रमुख दिलीप घोष ने मिथुन को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान सभा में जय श्री राम के नारे लग और खुद मिथुन ने पार्टी का झंडा लहराया।
इस दौरान भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पार्टी उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और शुभेंदु अधिकारी भी मंच पर थे। विजयवर्गीय ने ट्वीट में लिखा, स्वागतम मिथुन दा! प्रसिद्ध अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती विधिवत रूप से भाजपा में शामिल हो गए हैं।
शारदा घोटाले में नाम आने पर छोड़ी थी उच्च सदन की सदस्यता
मिथुन चक्रवर्ती की यह दूसरी राजनीतिक पारी शुरू हुई है। इससे पहले वे तृणमूल कांग्रेस के कोटे से अप्रैल 2014 में राज्य सभा पहुंचे थे। शारदा पोंजी स्कीम घोटाले में नाम आने पर उन्होंने 2016 में उच्च सदन की सदस्यता छोड़ दी थी।
हालांकि, उस दौरान इस्तीफे की वजह उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को बताया था। इससे पहले मिथुन चक्रवर्ती ने शनिवार शाम को कोलकाता में पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की थी।
कैलाश विजयवर्गीय ने इस बात की पुष्टि की थी कि मिथुन मोदी की रैली में उपस्थित रहेंगे, मगर उनके भाजपा में शामिल होने की खबर पर राज नहीं खोला था। बीते महीने ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में अभिनेता के आवास पर मिथुन से मुलाकात की थी। तभी से उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें शुरू हो गई थीं।