कांग्रेस के आक्रामक रूख को देख भाजपा ने भी आक्रामक रवैया अपना लिया है। पार्टी के आक्रामता की झलक पीएम मोदी के उस बयान में भी साफ दिखी है, जिसमें उन्होंने पार्टीजनों से कांग्रेस के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अनशन का ऐलान किया है। पीएम ने कहा है कि मुद्दाविहीन कांग्रेस ने संसद को ठप्प कर दिया है। इसके विरोध में सभी पार्टी सांसद 12 अप्रैल को अपने-अपने क्षेत्र में अनशन करेंगे। पीएम ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी का रवैया सदा से ही अलोकतांत्रिक रहा है। संसद को ठप्प करके कांग्रेस ने अपने अलोकतांत्रिक रवैये का इजहार किया है।
सूत्र बताते हैं कि शुक्रवार सुबह पार्टी संसदीय दल की बैठक में सांसदों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सांसदों से आह्वान किया कि वे कांग्रेस के अलोकतांत्रिक कदमों को जनता के बीच रखें। उन्होंने पार्टी सांसदों को निर्देश दिए कि हर सांसद 12 अप्रैल को कांग्रेस के अलोकतांत्रिक रवैये के खिलाफ देशभर में अनशन पर बैठें। जनता को बताएं कि कांग्रेस ने संसद को चलने नहीं दिया है।
14 अप्रैल से 5 मई तक जनता के बीच जाएगी भाजपा
विपक्ष के चुनावी मोड को देखते हुए भाजपा भी उसी रंग में आने लगी है। पार्टी ने केंद्र सरकार की 7 जनहितैषी मुद्दों को लेकर 14 अप्रैल से 5 मई तक जनता के बीच जाने का निर्णय लिया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा है कि केंद्र सरकार की सप्तऋषि योजनाओं (जनधन, उज्जवला, स्किल डेवेलपमेंट, मुद्रा, स्वच्छता सरीखे 7 योजनाओं को लेकर सप्तऋषि नाम दिया है) को देश के 20,844 गांवों में लागू कराने के लिए पार्टी के सभी सांसद, विधायक और पदाधिकारी 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के अवसर इन गांवों में मुस्तैद रहेंगे।
इसके अलावा 14 अप्रैल से 5 मई के बीच भाजपा के सभी सांसद, विधायक और पदाधिकारी गांवों में साइकिल और मोटरसाइकिल यात्राओं का आयोजन करेंगे। प्रत्येक सांसद को दो रात गांव में गुजारने को निर्देश दिए गए हैं। तो राज्यसभा सांसदों को उन सीटों पर लगाया गया है जहां पार्टी उम्मीदवार की बीते लोकसभा चुनाव में हार हुई थी।
ज्योतिबा फूले और अंबेडकर के जरिए पिछड़ों पर नजर
लोकसभा चुनाव 2019 में पिछड़ा वर्ग की अहमियत को देखते हुए भाजपा ने ज्योतिबा फूले के जन्म दिवस 11 अप्रैल और अंबेडकर की जयंति 14 अप्रैल को देशभर में धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है। वैसे तो विपक्ष के जरिए भाजपा पर पिछड़ा और दलित विरोधी होने के आरोप लग रहे हैं। मगर इन आरोपों के इतर भाजपा ने दलितों और पिछड़ों के बीच मजबूती से जाने की रणनीति बनाई है। ताकि लोकसभा चुनवा 2019 में वह इस वर्ग को साध सके।