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G20: PM ने मंत्रियों को दी 'जी-20 इंडिया' एप डाउनलोड करने की सलाह, भारत मंडपम में लगेगी नटराज की मूर्ति

Wed, 06 Sep 2023 03:12 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पीएम मोदी ने नई दिल्ली में महत्वपूर्ण जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले मंत्रिपरिषद की बैठक के साथ बातचीत की और इसी दौरान उन्होंने सभी मंत्रियों को जी-20 इंडिया एप डाउनलोड करने की सलाह दी।
 
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गुजरात के गांधीनगर में जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब@ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित होने जा रहे जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले बुधवार को सभी मंत्रियों से जी-20 एप डाउनलोड करने को कहा। जी-20 एप के जरिये मंत्रियों को विदेशी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने में मदद मिलेगी।

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'जी-20 इंडिया' एप के जरिये उपयोगकर्ता को जी-20 से संबंधित सभी जानकारियां हासिल होंगी।

विदेश मंत्रालय की ओर लॉन्च किया गया यह एप जी-20 शिखर सम्मेलन से पूर्व भारत की सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति को रेखांकित करता है। इसमें शिखर सम्मेलन से संबंधित एक कैलेंडर, मीडिया और जी-20 के बारे में पूरी जानकारी होगी। यह एप भारत की जी-20 अध्यक्षता तक काम करेगा।

भारत 9-10 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी में जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। इस दौरान दुनियाभर से नेताओं का यहां जमावड़ा होगा। गौरतलब है, भारत ने 1 दिसंबर को जी-20 अध्यक्षता मिलने के बाद से देशभर के 60 शहरों में करीब 200 बैठकें आयोजित कर चुका है।  एजेंसी
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 हजारों लोग कर चुके डाउनलोड
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार तक दुनियाभर में 15,000 से अधिक लोगों ने यह एप डाउनलोड किया है। यह एप सभी जी-20 देशों की भाषाओं में विदेशी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने में मदद करेगा।

24 भाषाओं में कर सकेंगे इस्तेमाल
जी 20 इंडिया एप के साथ, भारतीय मंत्री विदेशी प्रतिनिधियों के साथ भाषा के साथ ही संचार बाधाओं को भी दूर कर सकते हैं। उपयोगकर्ता इसका इस्तेमाल 24 भाषाओं में कर सकेंगे।
 
विदेशी प्रतिनिधियों को मिलेगा यूपीआई का व्यावहारिक अनुभव
भारत की जी-20 अध्यक्षता को देश की 'डिजिटल इंडिया' पहल को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के अवसर के रूप में लिया है। केंद्र सरकार ने यूपीआई वॉलेट तकनीक के साथ लगभग 1,000 विदेशी प्रतिनिधियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने का निर्णय लिया है।

इसके अलावा उन्हें स्वदेशी समाधान के माध्यम से भुगतान करने में आसानी के बारे में भी समझाया गया। एक सरकारी अधिकारी ने बताया, विदेशी प्रतिनिधियों या प्रतिभागियों को यूपीआई लेनदेन करने के लिए उनके यूपीआई वॉलेट में 500-1,000 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए लगभग 10 लाख रुपये रखे गए हैं। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) भारत की मोबाइल-आधारित तेज भुगतान प्रणाली है, जो ग्राहकों को ग्राहक द्वारा बनाए गए वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (वीपीए) का उपयोग करके, चौबीसों घंटे तुरंत भुगतान करने की सुविधा देती है। अब तक, श्रीलंका, फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर ने उभरते फिनटेक और भुगतान समाधानों पर भारत के साथ साझेदारी की है। इसके अलावा, आरबीआई ने इस साल की शुरुआत में जी-20 देशों से आने वाले यात्रियों के


 

भारत पूरी तरह से तैयार 

शिखर सम्मेलन नई दिल्ली के प्रगति मैदान में अत्याधुनिक भारत मंडपम कन्वेंशन सेंटर में होने वाला है। गौरतलब है कि भारत ने पिछले साल 1 दिसंबर को जी-20 की अध्यक्षता संभाली थी और देश भर के 60 शहरों में जी-20 से संबंधित लगभग 200 बैठकें आयोजित की गईं थीं।

भारत की सदियों पुरानी परंपराओं का प्रमाण 

भारत के मंडपम में 27 फीट की नटराज की मूर्ती लगाई गई है। इसपर प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को कहा कि आयोजन स्थल पर नटराज की मूर्ति भारत की सदियों पुरानी कलात्मकता और परंपराओं के प्रतीक के रूप में मौजूद होगी।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र ने हाल ही में सोशल मीडिया पर कहा था कि 27 फीट की यह प्रतिमा अष्टधातु से बनी सबसे ऊंची मूर्ति है। 19 टन वजनी मूर्ति को तमिलनाडु के स्वामी मलाई के प्रसिद्ध मूर्तिकार राधाकृष्णन स्टापथी और उनकी टीम ने सात महीने में तैयार किया है। उसने आगे कहा कि राधाकृष्णन की 34 पीढ़ियां चोल साम्राज्य काल से ही मूर्तियां बना रही हैं। ब्रह्मांडीय ऊर्जा, रचनात्मकता और शक्ति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक नटराज की यह मूर्ति जी20 शिखर सम्मेलन में एक आकर्षण बनने जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन की प्रमुख बैठकों की मेजबानी करने वाले ‘भारत मंडपम’ में स्थापित नटराज की प्रतिमा भारत की सदियों पुरानी कलात्मकता और परंपराओं के प्रमाण की साक्षी है। वह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के उस पोस्ट का जवाब दे रहे थे, जिसमें प्रतिमा के बारे में कहा गया था कि यह अष्टधातु से बनी है। केंद्र ने ‘एक्स’ पर कहा, 27 फीट लंबी, 18 टन वजनी यह प्रतिमा अष्टधातु से बनी सबसे ऊंची प्रतिमा है और इसे तमिलनाडु के स्वामी मलाई के प्रसिद्ध मूर्तिकार राधाकृष्णन स्थापति और उनकी टीम ने रिकॉर्ड सात महीनों में तैयार किया है। राधाकृष्णन की 34 पीढ़ियां चोल साम्राज्य काल से मूर्तियां बनाती आ रही हैं। ब्रह्मांडीय ऊर्जा, रचनात्मकता और शक्ति का महत्वपूर्ण प्रतीक नटराज की यह प्रतिमा जी-20 शिखर सम्मेलन में आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा, भारत मंडपम में भव्य नटराज प्रतिमा हमारे समृद्ध इतिहास और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को जीवंत करती है। जैसे ही दुनिया जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए एकत्रित होगी, यह भारत की सदियों पुरानी कलात्मकता और परंपराओं के प्रमाण की साक्षी बनेगी।  

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