प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे वर्ष 2022 तक पूरा किए जा सकने वाले ठोस लक्ष्यों के बारे में पूछा। उन्होंने खासकर कम समय में 100 सबसे पिछड़े जिलों के विकास पर केंद्रित रहने की अपील की।
केंद्र सरकार के सभी सचिवों के साथ मुलाकात कर पीएम मोदी ने उन्हें पुराने जमाने के प्रशासनिक कार्यों से इतर काम करने का सुझाव दिया तथा देश के विकास के लिए अपने संबंधित दायरे से बाहर निकल कर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमारे पास संपूर्ण मानवता के छठे हिस्से की आबादी का जीवन बदलने का अवसर है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, पीएम ने देश के 100 सबसे पिछड़े जिलों के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया और कहा कि इन जिलों में एक निश्चित अवधि में विभिन्न मानदंड पूरे करने वाले विशेष लक्ष्य तय किए जाने चाहिए।
प्रशासनिक अधिकारियों को अपने द ायरे से बाहर निकल कर काम करने की अपील करते हुए मोदी ने कहा कि पिछलेे तीन साल के दौरान जितने भी लक्ष्य पूरे किए गए, वे सभी समस्त सरकारी तंत्र के मिलकर टीम की तरह काम करने का ही नतीजा हैं। इस संबंध में उन्होंने वित्तीय समायोजन (जन धन योजना) और केंद्रीय टीकाकरण योजना के उदाहरण पेश किए।
स्वच्छता अभियान के बारे में पीएम मोदी ने कहा, ‘इस मुहिम के लिए सबसे ज्यादा सहयोग जनता से ही मिल रहा है और प्रशासनिक स्तर के अधिकारियों के लिए भी यह बड़ा बदलाव ला रहा
है।
एक जुलाई से जीएसटी लागू होना देश के इतिहास के लिए एक यादगार क्षण होगा।’ उन्होंने सभी सचिवों से इस बदलाव की पहले से तैयारी पूरी करने की अपील की ताकि इसके तहत सभी लेनदेन निर्बाध हो सके।