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PM Modi: 'रेस्तरां में अरुण जेटली से कहता था ऑर्डर आप ही दे दीजिए', खान-पान के शौक पर पीएम ने सुनाया किस्सा

Fri, 10 Jan 2025 06:57 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक पॉडकॉस्ट में विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने अपने बचपन से लेकर भू-राजनीतिक बदलाव पर अपनी राय रखी। इसी दौरान उनसे उनके खान-पान के शौक के बारे में भी पूछा गया। उन्होंने बताया कि वह आज भी रेस्तरां के मेन्यू में पकवान का चयन नहीं कर पाते हैं।  
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पीएम नरेंद्र मोदी, दिवंगत भाजपा नेता अरुण जेटली। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पहली बार पॉडकास्ट किया। जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामत के साथ यह पॉडकास्ट दो घंटे से भी लंबा चला। इस दौरान उन्होंने बचपन, छात्र जीवन, राजनीति, सोशल मीडिया, व्यक्तिगत संबंध, सरकार, भू-राजनीति सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे। प्रधानमंत्री  से उनके खान-पान के शौक को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने दिलचस्प जवाब दिए और दिवंगत भाजपा नेता अरुण जेटली के साथ का एक किस्सा बताया। 

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'जो भी परोसा जाए, चाव से खाता हूं'
खान-पान के शौक के बारे में सवाल पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं खाने के शौकीन लोगों की तरह नहीं हूं। इसलिए जो भी परोसा जाता है, जिस देश में जाता हूं, बड़े चाव से खाता हूं। लेकिन आज मुझे आप किसी रेस्तरां में ले जाओगे और मुझे मेन्यू देकर कहोगे कि सेलेक्ट करो तो मैं नहीं कर पाऊंगा।' इसके बाद कामत ने कहा- आप कभी जा पाएंगे रेस्तरां? पीएम मोदी ने कहा- मैं अभी तो नहीं जा पा रहा हूं। फिर कामत ने पूछा- कितने साल हो गए? इसके जवाब में पीएम ने कहा, बहुत साल हो गए। 

'जेटली जी से कहता था ऑर्डर कर दीजिए...'
उन्होंने आगे कहा, 'पहले मैं जब संगठन का काम करता था। हमारे अरुण जेटली जी खाने के बड़े शौकीन थे। उनको हिंदुस्तान के किसी शहर में कौन से रेस्तरां में कौन सी चीज बढ़िया है... वो पूरे ही एनसाइक्लोपीडिया थे। हम बाहर जाते थे तो शाम का भोजन एक रेस्तरां पर उनके साथ होता था। लेकिन आज कोई मुझे मेन्यू दे दे और सेलेक्ट करने को कहे, मैं नहीं कर सकता। क्योंकि कभी जो नाम मैं पढ़ता हूं, जो डिश (पकवान) है, वहीं चीज है (या दूसरी).. मुझे ज्ञान नहीं है। क्योंकि मेरी वह प्रवृत्ति बनी नहीं। इसकी ज्यादा समझ नहीं है तो मैं  हमेशा कहता था -अरुण जी ऑर्डर आप ही कर दीजिए। मेरा इतना ही रहता था कि शाकाहारी चाहिए।' 
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