77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर बात की और देशवासियों की चेतना में नए प्राण फूंकने की कोशिश की और देश को विकसित बनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया। इस बीच पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बात की। इन्हीं में से दो योजनाएं ऐसी हैं जो देश के कमजोर तबकों की उन्नति में अहम साबित हो सकती हैं, साथ ही भाजपा सरकार को 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकती हैं।
विश्वकर्मा योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में विश्वकर्मा योजना का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि अगले महीने विश्वकर्मा जयंती के मौके पर इस योजना को लॉन्च किया जाएगा। यह योजना पारंपरिक कौशल वाले लोगों के लिए लाई जाएगी। सरकार 13 हजार से 15 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ विश्वकर्मा योजना की शुरुआत करेगी। गांव, शहरों में विभिन्न कारीगर हैं जो अपने हाथ के कौशल से जीवन यापन करते हैं। यह योजना विशेष रूप से इन्हीं लोगों जैसे नाई, धोबी, सुतार, राजमिस्त्री, आदि पारंपरिक कौशल कार्य करने वाले लोगों और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए लाई जाएगी। इस योजना के तहत सरकार पारंपरिक कौशल वाले कारीगरों और शिल्पकारों को तराशेगी और उत्पादों में सुधार करके उन्हें घरेलू और वैश्विक मार्केट से जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के विश्वकर्मा, कल के उद्यमी बन सकते हैं।
यह योजना श्रमिकों, विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े समुदाय, महिलाओं और समाज के अन्य कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए लाई गई है। इस वर्ग का पूरे देश में बड़ा वोटबैंक है। ऐसे में विश्वकर्मा योजना की सफलता भाजपा सरकार को 2024 के लोकसभा चुनाव में बड़ा फायदा दे सकती है।
महिलाएं उड़ाएंगी ड्रोन्स
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एक और अहम योजना का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार जल्द ही हजारों महिला-नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों को कृषि ड्रोन प्रदान करने के लिए योजना शुरू करेगी। महिलाओं को ड्रोन उड़ाने के साथ-साथ उनकी मरम्मत करने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना से बड़ा परिवर्तन आएगा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह योजना बेहद अहम साबित हो सकती है। शुरुआत में यह योजना 15 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों के बीच शुरू की जाएगी। देश में करीब 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास देश को आगे लेकर जाएगा। उनका सपना है कि दो करोड़ महिलाएं लखपति बनें और सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उपायों पर विचार कर रही है।
इस योजना से ना सिर्फ महिला सशक्तिकरण होगा बल्कि भाजपा सरकार का एक बड़ा समर्थन वर्ग भी तैयार हो सकता है। भाजपा पहले से ही अपने साथ ज्यादा से ज्यादा महिला वोटबैंक को जोड़ने की दिशा में काम कर रही है और बीते चुनावों को देखें तो उससे साफ होता है कि भाजपा को इसका फायदा भी मिला है। अब महिलाओं को कृषि ड्रोन्स उड़ाने और उनकी मरम्मत के लिए प्रशिक्षित करने वाली योजना भाजपा सरकार को आगामी लोकसभा चुनाव में बड़ा फायदा पहुंचा सकती है।