विदेश मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच यह बातचीत विश्व मामलों में एक बेहद अहम समय पर हो रही है। यह बातचीत दर्शाती है कि एक नया वैश्विक ढांचा बन रहा है। एक नई विश्व व्यवस्था बन रही है। इसलिए भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति बना रहा है और रूस अपनी।
रूस से तेल खरीदने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बीच पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बातचीत को लेकर विदेश मामलों के विशेषज्ञ ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह बातचीत वैश्विक मामलों के लिए सबसे अहम वक्त पर हुई। यह एक नई वैश्विक व्यवस्था के उभरने का संकेत देती है।
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विदेश मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच यह बातचीत विश्व मामलों में एक बेहद अहम समय पर हो रही है। यह बातचीत दर्शाती है कि एक नया वैश्विक ढांचा बन रहा है। एक नई विश्व व्यवस्था बन रही है। इसलिए भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति बना रहा है और रूस अपनी।
उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य समय नहीं था। भारत के एनएसए अजीत डोभाल पिछले कुछ दिनों से मॉस्को में हैं। मुझे लगता है कि उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन और उनके अधिकारियों के साथ पृष्ठभूमि स्तर की बैठकें की हैं। साथ ही रूस के लिए अमेरिका द्वारा शांति योजना बनाने या यूक्रेन के साथ अपने संघर्ष को समाप्त करने की समय सीमा तय की गई है। इसलिए यह बातचीत बेहद महत्वपूर्ण है। भारत अमेरिका के 50% टैरिफ का भी सामना कर रहा है। इसका भारत सरकार विरोध कर रही है और कह रही है कि हम केवल अपने राष्ट्रीय हित में ही निर्णय लेंगे।
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सचदेव ने कहा कि पीएम मोदी और पुतिन के बीच बातचीत दोनों देशों की रणनीतिक स्थिति को मज़बूत करती है। मुझे लगता है कि इससे पुतिन को यह लाभ मिलता है कि अगर भारत के साथ उनके संबंध और भी मज़बूत होते हैं, तो वे आज की समयसीमा के मुकाबले ट्रंप के साथ और भी मजबूती से बातचीत कर सकते हैं। दूसरी ओर इससे हमें भी लाभ मिलता है और हम दुनिया को दिखाते हैं कि हमारी कुछ जरूरतों के लिए रूस के रूप में हमारा एक प्रतिबद्ध साझेदार है।
पीएम मोदी और पुतिन के बीच हुई थी बात
शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फोन पर बात की थी। इस दौरान पुतिन ने पीएम मोदी को यूक्रेन युद्ध को लेकर जानकारी दी। पीएम मोदी ने संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत के रुख को दोहराया। दोनों नेताओं ने भारत-रूस साझेदारी को मजबूत करने पर भी बात की। वहीं पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को इस साल के अंत में वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भारत आने का न्योता दिया।