फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

125 करोड़ भारतीयों के सहयोग के बिना हजार गांधी भी ‘स्वच्छ भारत’ नहीं कर सकते: मोदी

Mon, 02 Oct 2017 05:48 PM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता की 148वीं जयंती के अवसर पर कहा कि स्वच्छता के मुद्दे पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिना 125 करोड़ भारतीयों की जनभागीदारी के 1000 गांधी भी ‘स्वच्छ भारत’ के लक्ष्यों को हासिल कर सकते हैं।
विज्ञापन


स्वच्छ भारत मिशन के तीन साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब उन्होंने यह कार्यक्रम शुरू किया था तब उनकी काफी आलोचना की गई थी। 
उन्होंने कहा कि मोदी को गाली देने के लिए हजार विषय है। लेकिन समाज के लिए जो विषय बदलाव लाने वाले हैं, उन्हें मजाक का विषय नहीं बनाया जाए। पीएम मोदी ने कहा, ‘राजनीतिज्ञों समेत लोगों ने यह कहते हुए मेरी आलोचना की थी कि मैंने बच्चों की 2 अक्तूबर की छुट्टी खराब कर दी थी।’ 
विज्ञापन


पीएम ने कहा, ‘एक हजार गांधी जी आ जाएं, एक लाख मोदी आ जाएं, राज्य सरकारें आ जाए, मुख्यमंत्री आ जाएं... तो भी स्वच्छता का सपना पूरा नहीं हो सकता, लेकिन सवा सौ करोड़ देशवासी आ जाएं तो पूरा हो जाएगा।’

ये तब तक समस्या बनी रहेगी जब तक ये सोचा जाएगा कि सफाई कौन करेगा? सवा सौ करोड़ लोगों को मिलकर काम करना है। सरकारें सफाई नहीं करतीं, न ही कर सकती हैं। पीएम ने मीडिया पर भी तंज कसते हुए कहा कि उनकी तस्वीरें नहीं छपतीं की स्वच्छता के लिए कौन काम कर रहा है, बल्कि उनकी छपती हैं कि कौन स्वच्छता अभियान के लिए काम नहीं कर रहा।

India faces challenges but that does not mean we run away from them. We will face them and work to overcome them: PM Modi in Delhi pic.twitter.com/LsGCnSmYeg — ANI (@ANI) October 2, 2017

पीएम ने कहा कि अब स्वच्छता एक बड़ा अभियान बना है। पीएम ने कहा कि स्वच्छता अभियान किसी सरकार की सिद्धि नहीं है बल्कि ये स्वच्छता को चाहने वाले देश की सिद्धि है। पीएम ने कहा कि मैं समाजसेवा करता था, राजनीति में तो मैं बहुत बाद में आया। हम उस वक्त सफाई काम में लगे हुए थे। हमने 400 घरों में टॉयलेट बनाने के लिए हम कोशिश कर रहे थे। करीब 10-12 साल के बाद मैं वहां गया तो वहां का हाल देखकर हैरान रह गया।

हमने जितने टॉयलेट बनाए थे उनमें बकरियां बंधी हुई थीं। ये समाज का स्वभाव है, इसे बदलवा बेहद जरूरी है। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधा और कहा कि स्वच्छता चाहते हैं, लेकिन सफाई कोई नहीं करना चाहता। अगर मन में संवेदना हो तो किसी टीवी चैनल को देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी ये अपने आप में जिंदगी का हिस्सा बन जाएगा।

पीएम ने यूनीसेफ की रिपोर्ट का जिक्र किया जिसमें बताया कि भारत में गंदगी वजह से बीमारियां अपना गढ़ बना लेती है। अगर स्वच्छता का दृढ़ संकल्प ले ले तो हर गरीब की मदद करने में देशवासी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें