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शांतिकाल में बहा पसीना, युद्धकाल में खून बहने से बचाता है: मोदी

Tue, 23 Feb 2021 03:42 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली

सार

  • पीएम ने कहा, पिछली सरकारों ने जानबूझकर फाइलों में रखा स्वदेशी तेजस, हथियारों के आयात पर दिया गया जोर।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा, जहां हमारे वीर जवान ट्रेनिंग लेते हैं, वहां हम कुछ ऐसा लिखा हुआ देखते हैं कि 'शांतिकाल में बहाया पसीना, युद्ध काल में रक्त बहने से बचाता है।' इसका अर्थ है शांति की पूर्व शर्त वीरता है। वीरता की पूर्व शर्त है सामर्थ्य और सामर्थ्य की पूर्व शर्त है पहले से की गई तैयारी। बाकी सब इसके बाद आता है।

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पीएम ने कांग्रेस की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, स्वदेशी लड़ाकू विमान, एलएसी तेजस को जानबूझकर फाइलों तक रखा गया। आजादी के बाद से ही हथियारों के आयात पर जोर दिया गया, जिसके कारण स्वदेशी रक्षा क्षेत्र पनप नहीं सका।

पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में बजट प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा, भारत के पास हथियार, सैन्य उपकरण बनाने का सदियों पुराना अनुभव है, लेकिन स्वतंत्रता के बाद इस क्षमता को मजबूत नहीं किया गया। भारत अब अपनी क्षमताओं को तेजी से बढ़ाने के लिए अब प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, भारत 40 से ज्यादा देशों को अभी रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहा है।
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भारत को बड़ा निर्यातक बनाने के लिए काम किया जा रहा है। पीएम ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने का जिक्र करते हुए कहा, लघु एवं मध्यम उद्योग विनिर्माण क्षेत्र के लिए रीढ़ का काम करती है। आज जो बदलाव हो रहे हैं, उससे इन उद्योगों को आजादी मिल रही है। उन्होंने कहा, मैं निजी क्षेत्र से भी आग्रह करता हूं कि वे विनिर्माण के साथ-साथ डिजाइन और विकास में भी आगे आएं और दुनिया में भारत का परचम लहराएं

हथियारों का आयातक बनना गौरव की बात नहीं
मोदी ने कहा, भारत आज छोटे हथियारों के लिए भी दूसरे देशों पर निर्भर है। आज भारत हथियार के सबसे बड़े आयातकों में से एक है। हथियारों का आयातक बनना कोई गौरव की बात नहीं है। आजादी के पहले हमारे यहां सैकड़ों आयुध कारखाने होते थे। दोनों विश्व युद्धों में भारत से बड़े पैमाने पर हथियार बनाकर भेजे गए थे। हालांकि, आजादी के बाद अनेक वजहों से इस व्यवस्था को उतना मजबूत नहीं किया गया, जितना किया जाना चाहिए था।

शान से आसमान में उड़ान भर रहा तेजस
पीएम ने कहा, 'ऐसा नहीं है कि भारत के लोगों में प्रतिभा और सामर्थ्य नहीं है। हमारी सरकार ने अपने इंजीनियरों-वैज्ञानिकों और तेजस की क्षमताओं पर भरोसा किया और आज तेजस शान से आसमान में उड़ान भर रहा है।' कुछ सप्ताह पहले ही तेजस के लिए 48 हजार करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया गया है। उन्होंने कोरोना काल को लेकर वेंटिलेटर का जिक्र किया। मोदी ने कहा, 'जब कोरोना शुरू हुआ था तब भारत एक भी वेंटिलेटर नहीं बनाता था। आज भारत हजारों वेंटिलेटर का निर्माण कर रहा है।'

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