06:59 AM, 21-Jun-2020
अपना कार्य सही ढंग से करना ही योग
हमारे यहां कहा गया है- युक्त आहार विहारस्य, युक्त चेष्टस्य कर्मसु। युक्त स्वप्ना-व-बोधस्य, योगो भवति दु:खहा।। अर्थात्, सही खान-पान, सही ढंग से खेल-कूद, सोने-जागने की सही आदतें, और अपने काम, अपनी ड्यूटी को सही ढंग से करना ही योग है।
एक सजग नागरिक के रूप में हम परिवार और समाज के रूप में एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे। हम प्रयास करेंगे कि योग एट होम और योग विद फैमिली को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। हम जरूर सफल होंगे, हम जरूर विजयी होंगे।