देश में कोरोना के कहर के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पीएम केयर्स फंड से देश भर में 500 मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट्स की स्थापना के लिए धन आवंटित कर दिया है। इन प्लांट्स को तीन महीने के भीतर स्थापित करने की योजना है। वहीं डीआरडीओ मई के पहले सप्ताह के अंदर दिल्ली के आस-पास पांच मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करेगा। रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये संयंत्र अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर, डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल), सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और एम्स झज्जर, हरियाणा में स्थापित किए जाएंगे।
देश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है। संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने से कई राज्यों में अस्पतालों में ऑक्सीजन, जरुरी दवाओं, उपकरणों और बेड की कमी हो गयी है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि तय कार्यक्रम के मुताबिक पांच संयंत्रों में से दो के उपकरणों की खेप मंगलवार को दिल्ली पहुंच गयी और एम्स तथा आरएमएल अस्पताल में संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।
मंत्रालय ने बताया कि इन दो संयंत्रों के उपकरण की डीआरडीओ की प्रौद्योगिकी भागीदार कंपनी ट्राइडेंट न्यूमेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने आपूर्ति की है और 48 संयंत्रों के उपकरणों के लिए ऑर्डर दिए गए हैं। डीआरडीओ ने 28 अप्रैल को कहा था कि वह पीएम-केयर्स कोष द्वारा किए गए आवंटन से अगले तीन महीने के भीतर चिकित्सकीय ऑक्सीजन के लिए 500 संयंत्र स्थापित करेगा।
एम्स और आरएमएल अस्पताल में बुधवार से ऑक्सीजन संयंत्र का काम जारी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में चिकित्सीय ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना का काम जारी है और मंगलवार रात तक इसके पूरा हो जाने की उम्मीद है।
उसने कहा कि बुधवार को पाइप कनेक्शन और परीक्षण के लिये पूर्वाभ्यास किया जाएगा और दोनों संयंत्र बुधवार शाम तक काम करना शुरू कर देंगे। कोविड-19 के दैनिक मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि के बीच ऑक्सीजन, ऑक्सीजन उपलब्धता वाले बिस्तरों और आईसीयू बिस्तरों की मांग कई गुना बढ़ गई है।
नयी दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में उपचार करा रहे कोविड-19 के गंभीर मरीजों को निर्बाध ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के संदर्भ में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन ने 23 अप्रैल को समीक्षा बैठक की थी।