राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि महाकुंभ ने यह बता दिया है कि भारतीय समाज निचले स्तर पर जातिवाद में बंटा हुआ अवश्य दिखाई देता है, लेकिन जब धार्मिक और राष्ट्रीय महत्त्व के विषयों की बात आती है तो यह सबकुछ भूलकर एकजुट हो जाता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा नेता विभिन्न मंचों से जातिवाद को समाज से खत्म करने की अपील कर रहे हैं। इस वर्ष के होली मिलन के कार्यक्रमों में भी संघ-भाजपा नेता लोगों से जातिवाद को पीछे छोड़ भारतीय समाज को एक नए युग में ले जाने की अपील कर रहे हैं। नेता लोगों से होली मिलन को समाज मिलन के कार्यक्रम के रूप में मनाने की अपील भी कर रहे हैं।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि महाकुंभ ने यह बता दिया है कि भारतीय समाज निचले स्तर पर जातिवाद में बंटा हुआ अवश्य दिखाई देता है, लेकिन जब धार्मिक और राष्ट्रीय महत्त्व के विषयों की बात आती है तो यह सबकुछ भूलकर एकजुट हो जाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सभी रंग अलग-अलग होते हैं, उनकी पहचान अलग होती है, लेकिन जब वे आपस में मिलते हैं तब सुंदरता बढ़ जाती है, उसी तरह समाज के हर वर्ग के लोगों को आपस में मिलजुलकर एक रंग में रंग जाना चाहिए। उन्होंने सबको होली की शुभकामनाएं दीं।
सुनील आंबेकर ने कहा कि कई बार ऐसे विषय आते हैं जिसके बाद दो वर्गों के बीच दूरियां बढ़ जाती हैं, लेकिन इसके बाद सामाजिक-राष्ट्रीय महत्त्व के मुद्दे भी सामने आते हैं जो लोगों को पिछला सब कुछ भुलाकर एक साथ चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि होली इसी तरह का त्योहार है जो समाज के हर वर्ग को एक साथ आकर साथ चलने की प्रेरणा प्रदान करता है।