फर्जी खबरों के खिलाफ कानून बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को एक याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया है कि ऐसी खबरों पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों और उनके अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
वकील अनुजा कपूर द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि गृह मंत्रालय, कानून और सूचना प्रसारण मंत्रालय को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रही फर्जी खबरों से निपटने के लिए एक समिति बनाने का निर्देश दिया जाए। याचिका में भारत पाक में मौजूदा तनाव के हालात के बीच सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबरों की भरमार का जिक्र किया गया है।
कर्मचारी को मिले विशेष भत्ते को मूल वेतन में जोड़ा जाना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कर्मचारियों को नियोक्ता से मिले विशेष भत्ते को मूल वेतन में जोड़ा जाना चाहिए, जिस में से भविष्य निधि का पैसा कटता है। शीर्ष अदालत ने विशेष भत्ते को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही।
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने कर्मियों को मिलने वाले विशेष भत्ते को मूल वेतन में जोड़ने के भविष्य निधि आयुक्त के फैसले को चुनौती देने वाली विभिन्न कंपनियों की अपील को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि वेतन ढांचा और वेतन के अन्य हिस्से का तथ्यों के आधार पर परीक्षण किया जाना चाहिए।