फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

SC: इन हाउस जांच में जज वर्मा के खिलाफ आरोप सही, FIR दर्ज करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

Wed, 14 May 2025 12:13 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इन-हाउस समिति की जांच में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोप सही पाए गए हैं। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका वकील मैथ्यूज नेदुम्परा और तीन अन्य ने दायर की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अब जांच पूरी हो चुकी है, इसलिए न्यायमूर्ति के खिलाफ अब आपराधिक कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। 
 
विज्ञापन
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा (फाइल) - फोटो : अमर उजाला / एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नकदी बरामदगी विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। इन हाउस समिति की जांच में उनके खिलाफ आरोप सही पाए गए हैं, जिसके बाद अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। 

विज्ञापन


इन-हाउस जांच समिति द्वारा न्यायमूर्ति वर्मा पर आरोप लगाए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा था। हालांकि, न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया। इस पर CJI खन्ना ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। 

ये भी पढ़ें: CJI: रिटायर से पहले सीजेआई संजीव खन्ना बोले-सेवानिवृत्ति के बाद कोई आधिकारिक पद नहीं लूंगा
विज्ञापन


वकील मैथ्यूज और तीन अन्य ने दायर की याचिका
वकील मैथ्यूज नेदुम्परा और तीन अन्य द्वारा न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ तत्काल आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि इन-हाउस समिति ने न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ आरोपों को प्रथम दृष्ट्या सही पाया है। याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि आंतरिक जांच से अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है, लेकिन यह लागू कानूनों के तहत आपराधिक जांच का विकल्प नहीं है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Justice Verma: जांच समिति की रिपोर्ट के बाद CJI सख्त, केंद्र से की जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग की सिफारिश

पहले सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका
इससे पहले मार्च में भी इन्हीं याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर आंतरिक जांच को चुनौती देते हुए औपचारिक पुलिस जांच की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने आंतरिक कार्यवाही की लंबित प्रकृति का हवाला दिया और याचिका को समय से पहले खारिज कर दिया था। अब जांच पूरी हो चुकी है। अब याचिकाकर्ता कह रहे हैं कि आपराधिक कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। 

संबंधित वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें