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SC: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा IPS अजय पाल शर्मा की तैनाती का मामला; जनहित याचिका में मांग- तुरंत बंगाल से हटाएं

Wed, 29 Apr 2026 06:29 AM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की तैनाती पर राज्य में सियासी रार छिड़ी हुई है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, वहां से टीएमसी को कोई राहत नहीं मिली थी।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमा गया है। राज्य में पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को तत्काल हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने उन पर निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने और राजनीतिक उम्मीदवारों को अनुचित रूप से प्रभावित करने का आरोप लगाया है।
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याचिकाकर्ता ने मंगलवार देर रात संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत यह याचिका दायर की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि अजय पाल शर्मा ने चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक के तौर पर आवश्यक तटस्थता का त्याग कर दिया है। शर्मा को यूपी में "एनकाउंटर स्पेशलिस्ट" के तौर पर अपनी पहचान के कारण "सिंघम ऑफ यूपी" उपनाम से भी जाना जाता है। 

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आईपीएस अधिकारी पर लगाए गए क्या आरोप?
याचिका में कहा गया है कि दक्षिण 24 परगना में पदभार संभालने के बाद से, शर्मा ने धमकाने वाले कृत्यों और अनुचित प्रभाव का इस्तेमाल किया है। याचिका में कहा गया है कि उन्होंने खास तौर से राजनीतिक उम्मीदवारों को निशाना बनाते हुए ये सब किया है।

याचिका में क्या-क्या कहा गया?
याचिका में तर्क दिया गया है कि शर्मा की उपस्थिति चुनावी माहौल को दूषित कर रही है। इसके साथ ही बंगाल विधानसभा चुनाव की निष्पक्षता में जनता के विश्वास को कम कर रही है। इसमें कहा गया है कि ऐसे आचरण से पर्यवेक्षकों की तैनाती का मूल उद्देश्य कमजोर होता है, जिनसे चुनावी प्रक्रिया की अखंडता बनाए रखने के लिए तटस्थ सांविधानिक पदाधिकारियों के रूप में कार्य करने की अपेक्षा की जाती है।

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जनहित याचिका में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि पर्यवेक्षकों को स्वतंत्र रूप से चुनावों की निगरानी करने और लोकतांत्रिक मानदंडों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है। याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत से इस मामले का संज्ञान लेने और चल रही चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।

बंगाल में दूसरे चरण के लिए मतदान आज
बंगाल विधानसभा चुनावों के दूसरे और अंतिम चरण में 142 निर्वाचन क्षेत्रों में आज यानी 29 अप्रैल को मतदान होना है। पहले चरण में राज्य में 93.2% मतदान दर्ज किया गया था, जो एक रिकॉर्ड तोड़ आंकड़ा है। इन आंकड़ों को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा दोनों ही अपनी निर्णायक बढ़त का दावा कर रहे हैं। 

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