कोरोना संक्रमित मरीजों को स्टेरॉयड का असर नहीं होने पर ठीक हो चुके मरीज का प्लाज्मा दिया जा सकता है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा जारी एक नोटिस से इसका खुलासा हुआ है।
कोरोना महामारी के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के क्लिनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल के संदर्भ में 27 जून को जारी नोटिस में मंत्रालय ने हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीजों के उपचार के लिए स्वस्थ हो चुके मरीजों के प्लाज्मा के इस्तेमाल की इजाजत दी है। इसमें कहा गया है कि शोधपरक उपचारों के लिए ऐसी थेरैपी दी जा सकती है।
इसमें ठीक हो चुके मरीज के रक्त से एंटीबॉडी निकालकर संक्रमित को चढ़ाया जाता है, ताकि उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके। इससे उसे संक्रमण से लड़ने में मदद मिलेगी। इसमें कहा गया है कि प्लाज्मा चढ़ाने वाले की कई घंटों तक गहन निगरानी जरूरी होगी। साथ ही किसी एलर्जी वाले मरीज के लिए इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।