देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित पूरा मुंबई महानगर प्रदेश अर्बन राडार की जद में होगा। इससे मौसम की सटीक जानकारी और मानसूनी आपदा पूर्व आहट मिल सकेगी। राज्य के मुख्य सचिव संजय कुमार ने मानसून से पहले अर्बन राडार लगाने की प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है।
मुंबई महानगर प्रदेश में मानसून के दौरान भारी वर्षा के चलते कई इलाके जलमग्न हो जाते हैं। मायानगरी मुंबई पानी-पानी हो जाती है और महानगर प्रदेश के इलाके ठाणे, नवी मुंबई और पालघर जिलेे में स्थिति विकट हो जाती है।
राज्य सरकार ने मौसम की सटीक जानकारी देने वाले अत्याधुनिक अर्बन राडार को मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स सहित पालघर के वसई-विरार, ठाणे के कल्याण-डोंविवली और नवी मुंबई में लगाने की तैयारी की गई है।
मौसम विभाग के महानिदेशक कृष्णानंद होसालीकर के अनुसार एक अर्बन राडार आसपास में 200 से लेकर 250 किलोंमीटर परिसर में होने वाली वर्षा का अंदाजा लगा सकती है। अर्बन राडार से जहां रियल टाईम डाटा उपलब्ध होगा वहीं, अत्यधिक बारिश से होने वाली आपदा की समय पूर्व जानकारी मिलने से आपदा से पहले एहतियाती कदम उठाए जा सकेंगे।
इंग्लैंड, अमेरिका और जापान में है अर्बन राडार
दुनिया में अभी तक इंग्लैंड, अमेरिका और जापान में अर्बन राडार लगाया गया है। मुंबई देश का पहला महानगर है जहां अर्बन राडार लगाने की योजना बनाई गई है। राज्य सरकार ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी के माध्यम से अर्बन राडार लगाने की तैयारी की है।