अमरनाथ यात्रा पर पाकिस्तानी सेना और आतंकियों द्वारा बड़ा हमला करने की साजिश बेनकाब हो गई है। भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि पाकिस्तानी फौज की मदद से आतंकी अमरनाथ यात्रा के बालटाल और पहलगाम मार्ग पर हमला करने की फिराक में थे। इसके लिए पाकिस्तानी सीमा पर अतिरिक्त हथियार, गोला-बारूद और रॉकेट लॉन्चर जमा किए गए थे।
इंटेलीजेंस एजेंसी के मुताबिक, पिछले तीन सप्ताह से घाटी में लगातार ऐसे अलर्ट मिल रहे थे, जिनसे यह साफ पता चल रहा था कि पाकिस्तानी सेना और आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में कोई बड़ा हमला कर सकते हैं। इसके बाद जब भारतीय एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में सर्विलांस बढ़ाई तो कई नए तथ्य सामने आए। कॉल इंटरसेप्ट से मालूम हुआ कि पाकिस्तानी सेना और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने मिलकर अमरनाथ यात्रा पर हमला करने का प्लान बनाया है।
दो सप्ताह पहले रॉ चीफ सामंत गोयल की जम्मू-कश्मीर यात्रा और उससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कश्मीर दौरा इन्हीं अलर्ट की बदौलत हुआ था। पहलगाम और बालटाल मार्ग के आस-पास पाकिस्तानी सीमा में भारी हथियारों का जमावड़ा होने लगा। सेना की इंटेलीजेंस रिपोर्ट में पता चला कि पाकिस्तानी सेना ने अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाने के लिए वहां रॉकेट लॉन्चर तक लगाए हैं। इनका मकसद था कि जैसे ही आतंकवादी हमला करेंगे, उनके पीछे से रॉकेट लॉन्चर से हमला कर दिया जाएगा।
पाकिस्तानी सेना की योजना के मुताबिक, यह सब जैश-ए-मोहम्मद के नाम से होना था। हालांकि इसकी तैयारी पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने मिलकर रची थी। जहां से अमरनाथ यात्री गुजरते हैं, वहां पर कई लैंड माइनिंग जैसे उपकरण भी मिले हैं। इसके अलावा कश्मीर में 34 गांवों को भी आतंकियों ने निशाना बनाने की योजना बनाई थी। फिलहाल भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दो-तीन दिन में अमरनाथ यात्रा को दोबारा से शुरू कर दिया जाएगा।