केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत भारत दूसरे देशों के लिए अपने दरवाजे बंद नहीं कर रहा है। इसके जरिये भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों में विश्वसनीय साझीदार बनना चाहता है। गोयल ने शनिवार को वेबिनार ‘कोविड-19 के दौरान भारत और फ्रांस के बीच व्यापार निरंतरता’ में कहा, जब हम आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं, तो इसका मतलब अपने दरवाजे बंद करना नहीं है। इसके विपरीत भारत गहरे व्यापारिक रिश्तों के द्वार को खोल रहा है। हम वैश्विक आपूर्ति शृंखला का हिस्सा बनना चाहते हैं।
गोयल ने कहा, हमारा मानना है कि भारत और फ्रांस प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं। फ्रांस कई उच्च तकनीकी वाले उत्पादों को बनाता है, जो बेहद जरूरी हैं। वहीं भारत ऐसे उत्पाद बनाता है, जिन्हें फ्रांस में बनाना लगभग नामुमकिन है। हमारे पास सेवा क्षेत्र, फार्मास्युटिकल, ऑटोमोबाइल इत्यादि में पेश करने को बहुत कुछ है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पिछले साल 10 अरब डॉलर को पार कर चुका है। हमने 15 अरब डॉलर का लक्ष्य तय किया है, लेकिन यह भी मामूली है। दोनों देश कई क्षेत्रों में साथ मिलकर काम कर सकते हैं। एक दूसरे के पूरक बन सकते हैं।