वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट को लेकर कहा कि यह पूरी तरह से पारदर्शी और ईमानदार है। ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर हुआ। उन्होंने कहा था कि सरकार का खर्च और राजस्व खातों में ठीक तरह से दिखाई देना चाहिए। गोयल ने शनिवार को कहा, 'हमारा अनुमानित राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.36 प्रतिशत था। हम इसे आसानी से 3.34 प्रतिशत कर सकते हैं और इसे 3.3 प्रतिशत तक ला सकते हैं। लेकिन पीएम ने कहा कि आपका काम केवल संग्रह करना है। जो भी हो उसके लिए आप बजट बनाएं। वह इस बात को लेकर स्पष्ट थे कि यह एक ईमानदार बजट होना चाहिए। यदि आप कृषि क्षेत्र के खर्च में 20,000 करोड़ रुपये जोड़ रहे हैं तो यह स्वाभाविक है कि घाटे का अनुमान थोड़ा सा ज्यादा हो जाएगा।'
अंतरिम बजट में टैक्स में हुए बदलाव को लेकर वित्तमंत्री ने कहा, '2014 के अंतरिम बजट में पी चिदंबरम ने एसयूवी और लग्जरी गाड़ियों में छूट दी थी। हमने मध्यमवर्ग को फायदा पहुंचाने की कोशिश की है।' किसानों को सालाना केवल 6,000 रुपये दिए जाने पर उन्होंने कहा, 'लोग हकीकत से जुदा हैं। वह यह नहीं समझते कि सीमांत किसानों के लिए 6,000 रुपये कितने बहुमूल्य हैं। यदि किसी राज्य को लगता है कि यह राशि ज्यादा होनी चाहिए तो वह ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं।'
पीयूष गोयल ने कहा कि किसानों को आय समर्थन देने और 5 लाख तक की आय वालों को आयकर में छूट प्रदान करने से राजस्व को होने वाले नुकसान का बजट में पूरी तरह से आंकलन किया गया है। हमारे गणित में कोई गड़बड़ी नहीं है। उन्होंने किसानों छोटे और सीमांत किसानों के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं को लागू करने में राज्य सरकारों का साथ मांगा है। उनका कहना है कि सरकार को लाभार्थियों की जमीन का रिकॉर्ड चाहिए। उन्होंने कहा, 'राज्यों को सहयोग करना होगा। मुझे नहीं लगता कि साथ न देने के पीछे उनका कोई कारण हो सकता है। जबतक कि वह इसका राजनीतिकरण न करना चाहते हों।'