भारत-अमेरिका ने साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का है। भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार समझौते पर गोयल ने कहा कि व्यापार वार्ता तब आगे बढ़ती है जब दोनों पक्ष एक-दूसरे की चिंताओं और आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील होते हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रहा है और इस समझौते में देश और जनता के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की सभी व्यापार वार्ताएं 'पहले भारत' की भावना और विकसित भारत 2047 के रास्ते पर आगे बढ़ रही हैं।
विज्ञापन
'हम कभी बंदूक रखकर समझौता नहीं करते'
भारत-अमेरिका के समझौते पर प्रगति के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 'हमने पहले भी कई बार कहा है कि हम बंदूक रखके कभी समझौता नहीं करते हैं। समय की पबंदियां अच्छी रहती हैं कि वो प्रोत्साहित करती हैं कि बात तेजी से हो, लेकिन जब तक देश हित और जनहित को हम सुरक्षित न रख सकें, तब तक कभी भी जल्दबाजी करना अच्छा नहीं है।' गौरतलब है कि भारत और अमेरिका ने इस साल सितंबर-अक्टूबर तक समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने का लक्ष्य तय किया है।
भारत-अमेरिका ने साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का है। भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार समझौते पर गोयल ने कहा कि व्यापार वार्ता तब आगे बढ़ती है जब दोनों पक्ष एक-दूसरे की चिंताओं और आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील होते हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ में व्यवसायों को गैर-टैरिफ बाधाओं की विभिन्न बाधाओं का सामना करना पड़ता है।