पिछले पांच वर्षो में हर वर्ग को कुछ न कुछ राहत देने को रेखांकित करते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि पांच लाख रुपये तक की सालाना आय वाले लोगों को कर के दायरे से बाहर रखने के प्रस्ताव को लेकर लोगों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया आई है और यह एक ‘यूफोरिया’ बन गया है।
लोकसभा में वित्त विधेयक-2019 को पारित करने के लिए रखते हुए गोयल ने कहा कि सरकार गरीबों और मध्य वर्ग के लोगों की जरूरत को ध्यान में रखकर काम कर रही है और इसी के तहत आयकर नियमों में संशोधन किए जा रहे हैं।
गोयल ने कहा कि सरकार ने पांच लाख रुपये की वार्षिक आय वाले लोगों को कर राहत देने का प्रस्ताव किया है। इसे लेकर लोगों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया आई है। सदन के भीतर और बाहर के लोगों में एक यूफोरिया यानी उल्लास का माहौल देखने को मिला है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पिछले करीब पांच वर्षों में सरकार ने आयकर संबंधी कानून और नियमों में बदलाव किए हैं। हमने हर वर्ग को कुछ न कुछ राहत देने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कर्ज पर ब्याज में राहत देने से लोगों को बड़े पैमाने पर सस्ते मकान मिल रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि साढ़े चार वर्षों में डेढ़ करोड़ मकान बनाए गए हैं। 2022 में जब देश अपनी आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाएगा तो हर नागरिक के सिर पर छत होने का सपना पूरा होगा।
उन्होंने कहा कि सभी सांसद अपने क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में बताएं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मकान खरीद सकें। मंत्री ने बड़े लोगों को राहत दिए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि देश में कर दाताओं की संख्या बढ़ी है और पिछले करीब पांच वर्षो में कर के रूप में एकत्र की जाने वाली राशि दोगुणी हुई है । भारत आज दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना है । उन्होंने कहा कि सरकार ने आर्थिक एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्ग के लोगों के लिए अधिक राशि दी है।