राफेल विमानों की खरीद मामले में विपक्ष के निशाने पर चल रही केंद्र सरकार ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश की रक्षा जरुरतों को ध्यान में रखते हुए राफेल विमानों की खरीद का फैसला यूपीए-1 के समय ही ले लिया गया था, लेकिन गांधी परिवार के एक करीबी को ऑफसेट का ठेका न मिल पाने के कारण इस डील को रद्द कर दिया गया।
यह पूरी तरह एक परिवार और एक निजी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का मामला था। अब जबकि यह बात सबकी जानकारी में आ चुकी है, कांग्रेस अपनी कमियों को छिपाने के लिए इस तरह के मुद्दे उछाल रही है। भाजपा नेता पीयूष गोयल ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस मामले में लगातार झूठ बोल रहे हैं। लेकिन कोई झूठ सौ बार बोल देने से सच नहीं बन जाता।
उन्होंने कहा कि खुद राफेल विमानों को बनाने वाली कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि रिलायंस कंपनी को पूरे ऑफसेट का सिर्फ दस फीसदी करार ही किया गया है। इसके अलावा सौ भारतीय कंपनियों से ऑफसेट करार की बातें हुई हैं।
ऐसे में बार-बार यह कहना कि ऑफसेट के मामले में कंपनी को पार्टनर बनाने के लिए मजबूर किया गया, बिल्कुल गलत है। गोयल ने कहा कि हमारी सरकार ने राफेल विमानों की खरीद के लिए जिन शर्तों पर करार किया है वे यूपीए सरकार से कई मामलों में बेहतर हैं।
अगर राफेल समझौता देश के इतने ही हित में था तो सरकार ने 126 विमानों की खरीद की बजाय सिर्फ 36 विमानों की खरीद को हरी झंडी क्यों दिखाई, गोयल ने कहा कि सरकार ने तात्कालिक जरुरतों को देखते हुए इतने ही विमानों की खरीद को आगे बढ़ाया। लेकिन सरकार आगे की जरुरतों के लिए फिर से प्रक्रिया को शुरु करने का इरादा रखती है जिसमें राफेल सहित दूसरे भागीदार भी हिस्सा ले सकेंगे।