डीआरडीओ सूत्रों का कहना है कि टाट्रा ट्रक पर स्थापित किए गए पिनाका वैपन सिस्टम के अपग्रेड संस्करण में विशिष्ट गाइडेंस किट लगाई गई है, जो एडवांस नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम से लैस है। इसका नेविगेशन इंडियन रीजनल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (आईआरएनएसएस) के जरिये किया जाता है, जिसे ‘नाविक’ भी कहते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस बदलाव के बाद पिनाका की मारक दूरी, क्षमता और लक्ष्य को भेदने की सटीकता भी बढ़ गई है।
1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने पिनाका मार्क-1 संस्करण का इस्तेमाल किया था, जिसने पहाड़ की चौकियों पर तैनात पाकिस्तानी चौकियों को सटीकता के साथ निशाना बनाया था।
एक नजर में पिनाका
- 1986 में शुरू किया गया था सिस्टम का निर्माण
- 214 मिमी बैरल वाले 12 रॉकेट से लैस है सिस्टम
- 250 किलोग्राम होता है इसके हर वारहेड का वजन
- 80 किमी/घंटा की गति से करता है लक्ष्य पर हमला
- 40 किलोमीटर है पिनाका मार्क-1 संस्करण की मारक दूरी
- 65 किलोमीटर थी पिनाका मार्क-2 की शुरुआती मारक दूरी
- 70 किलोमीटर किया गया था इसे बढ़ाकर मई, 2018 में
- 75 किलोमीटर हो गई है नए नेविगेशन के बाद इसकी मारक दूरी
- 120 किलोमीटर मारक दूरी वाले पिनाका मार्क-3 का विकास जारी