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Pilot Shambhavi Pathak: शादी की तैयारियों के बीच टूटा मां का सपना, पायलट शंभवी पाठक की मौत से सदमे में परिवार

Wed, 28 Jan 2026 11:22 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शादी की तैयारियों में जुटा एक परिवार अचानक गहरे शोक में डूब गया जब पायलट शंभवी पाठक की महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में मौत हो गई। सफदरजंग एनक्लेव स्थित उनके घर में मातम पसरा है, जहां खुशियों की जगह अब सन्नाटा और आंसुओं ने ले ली है।

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कैप्टन शंभवी पाठक - फोटो : फेसबुक/शंभवी पाठक
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विस्तार
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जिस बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं, उसी घर में अब सन्नाटा पसरा हुआ है। दिल्ली के सफदरजंग एनक्लेव की रहने वाली कैप्टन शंभवी पाठक की महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में मौत से पूरा इलाका गहरे सदमे में है। बुधवार को उनके घर के पर्दे खींचे हुए थे और रिश्तेदार व पड़ोसी खामोशी से आ-जा रहे थे।

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कैसे हुआ हादसा
करीब 25 वर्षीय शंभवी पाठक वीएसआर वेंचर्स के लियरजेट-45 विमान में फर्स्ट ऑफिसर थीं। यह विमान मुंबई से उड़ान भरने के बाद तय समय से कुछ मिनट पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें विमान में सवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी शामिल थे।

मां-बाप पर टूटा दुखों का पहाड़
घर पर सबसे ज्यादा टूट चुकी हैं उनकी मां, जो एयर फोर्स बाल भारती स्कूल में शिक्षिका हैं। बताया जा रहा है कि परिवार शंभवी की शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। उनके पिता, जो सेना से सेवानिवृत्त पायलट हैं, हादसे की खबर मिलते ही पुणे रवाना हो गए। वहीं, उनका छोटा भाई नौसेना में कार्यरत है।
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पड़ोसियों की आंखों में आंसू
पड़ोस में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली शिल्पी भावुक होकर कहती हैं 'वह बेहद सुलझी हुई, मीठी और शांत स्वभाव की लड़की थी। कुछ समय पहले ही वह मेरे पार्लर आई थी। उनकी मां शादी के लिए रिश्ते देख रही थीं। आज यकीन नहीं होता कि वह हमारे बीच नहीं रही।' इलाके के सुरक्षा गार्ड जितेंद्र, जो पिछले 40 वर्षों से यहां काम कर रहे हैं, बताते हैं 'शंभवी जब भी दिखती थीं, हमेशा नमस्ते करती थीं। उनका परिवार बेहद विनम्र था और समाज में सबका सम्मान करता था।'

पढ़ाई से लेकर पायलट बनने तक का सफर
स्थानीय लोगों के अनुसार, शंभवी ने एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से पढ़ाई की थी और बाद में न्यूजीलैंड से फ्लाइट ट्रेनिंग लेकर कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल किया। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से एरोनॉटिक्स में बीएससी की डिग्री भी ली थी और उनके पास कई एविएशन सर्टिफिकेशन थे।

आखिर हादसे में क्या हुआ
अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई से उड़ान भरने के बाद लियरजेट-45 विमान बारामती में तय लैंडिंग से कुछ ही मिनट पहले तकनीकी कारणों से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कुल पांच लोग सवार थे, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के कारणों की जांच जारी है और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की टीम मौके पर पहुंचकर तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
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