याचिका में मुगल गार्डन का जिक्र करते हुए कहा गया कि मुगल गार्डन का नाम हाल में बदल कर अमृत उद्यान किया गया है, लेकिन सरकार ने आक्रांताओं के नाम पर रखी गई सड़कों के नाम का पुनर्नामकरण करने के लिए कुछ नहीं किया।
उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका(पीआईएल) दायर कर उन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों का मूल नाम बहाल करने के लिए एक ‘पुनर्नामकरण आयोग’ गठित करने के वास्ते केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है, जिनका विदेशी आक्रांताओं ने नाम बदल दिया था।
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याचिका में मुगल गार्डन का जिक्र करते हुए कहा गया कि मुगल गार्डन का नाम हाल में बदल कर अमृत उद्यान किया गया है, लेकिन सरकार ने आक्रांताओं के नाम पर रखी गई सड़कों के नाम का पुनर्नामकरण करने के लिए कुछ नहीं किया। इसमें दलील दी गई है कि इन नामों का जारी रहना संप्रभुता और संविधान के तहत प्रदत्त अन्य नागरिक अधिकारों के खिलाफ है।
अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि वैकल्पिक रूप से न्यायालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को उन प्राचीन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों का शुरूआती(मूल) नाम प्रकाशित करने का निर्देश दिया जा सकता है, जिनका पुनर्नामकरण बर्बर विदेशी आक्रांताओं ने कर दिया था।