गृह मंत्रालय ने साइबर अपराध से जुड़ी एक रिपोर्ट में कहा है कि बेरोजगार युवा, गृहणी और छात्र इनके निशाने पर हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक 'निवेश घोटाले' के रूप में चर्चित इस नई साइबर धोखाधड़ी में लोगों को बड़ी संख्या में लाखों का चूना लग रहा है। सरकार ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
केंद्र सरकार ने कहा है कि एक नए तरह के 'निवेश घोटाले' में साइबर अपराधियों के निशाने पर बेरोजगार युवा, गृहणी और छात्र हैं। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में लोगों को आगाह किया है। सरकार के मुताबिक बेरोजगार युवाओं, गृहणियों और छात्रों के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इन लोगों को रोजाना बड़ी रकम गंवानी पड़ती है। अधिक चिंताजनक पहलू यह है कि साइबर अपराधी वारदात को अंजाम देने के लिए गूगल (Google) सेवा प्लेटफ़ॉर्म का भी उपयोग कर रहे हैं। इस साइबर धोखाधड़ी को पिग बुचरिंग स्कैम (pig butchering scam) के नाम से जाना जा रहा है।
आर्थिक धोखाधड़ी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
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गूगल का विज्ञापन प्लेटफॉर्म सीमा पार से लक्षित विज्ञापन के लिए इसे मंच मुहैया कराता है। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह घोटाला एक वैश्विक घटना है और इसमें बड़े पैमाने पर धन शोधन और यहां तक कि साइबर गुलामी भी शामिल है। माना जाता है कि 2016 में इसकी शुरुआत चीन में हुई थी। साइबर अपराधी इसके तहत भोले-भाले व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं।
पिग बुचरिंग स्कैम नाम कैसे पड़ा
साइबर अपराधी समय के साथ विश्वास कायम करते हैं। उन्हें क्रिप्टोकरेंसी या किसी अन्य आकर्षक योजना में निवेश करने के लिए राजी किया जाता है। भरोसा कायम करने के बाद निवेशकों को चूना लगाया जाता है। पिग बुचरिंग स्कैम (pig butchering scam) यानी सुअर काटने की उपमा सूअरों को उनके वध से पहले मोटा करने के अभ्यास से आती है।