अफवाह और सोशल मीडिया इन दोनों का चोली-दामन का साथ है। अफवाह को आगे बढ़ाने में सोशल मीडिया जितनी मदद कर सकता है उतनी कोई नहीं कर सकता। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल हुआ कि हाल के वर्षों में चीन का भारत में निवेश बढ़ा है। हालांकि, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने इसे गलत करार दिया है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि भारत में चीन का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) साल 2017 में 2.8 बिलियन डॉलर से बढ़कर साल 2019 में 4.14 बिलियन डॉलर हो गया था। पीआईबी ने इस डाटा को फर्जी और गलत करार दिया है। पीआईबी के अनुसार चीन के भारत में निवेश में गिरावट आई है न कि बढ़त हुई है।
पीआईबी ने बताया कि चीन का भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश साल 2017 में 0.350 बिलियन डॉलर था, जो साल 2019 में घटकर 0.163 बिलियन डॉलर हो गया। बता दें कि सीमा विवाद के चलते भारत और चीन से संबंधों में बीते लंबे समय से तनातनी चल रही है और चीन के खिलाफ भारत ने कई डिजिटल, आर्थिक और सैन्य कदम उठाए हैं।
उल्लेखनीय है कि भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में आठ महीने से तीखा सीमा गतिरोध चल रहा है। इस गतिरोध ने दोनों देशों के संबंधों में अहम दरार पैदा कर दी है। दोनों पक्षों ने विवाद को हल करने के लिए राजनयिक और सैन्य वार्ताओं की लंबी शृंखला चलाई है, लेकिन गतिरोध खत्म करने में अभी तक कोई खास मदद नहीं मिल पाई है।