महाराष्ट्र में फोन टैपिंग को लेकर शुरू सियासत के बीच भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने महाविकास आघाड़ी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने शुक्रवार को आरोप लगाया कि फोन टैपिंग के आरोपों के संबंध में राज्य के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे द्वारा महाराष्ट्र सरकार को सौंपी गई तथ्यान्वेषी रिपोर्ट में कई खामियां हैं।
फडणवीस ने कहा कि यह रिपोर्ट एनसीपी प्रवक्ता व मंत्री नवाब मलिक और आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने तैयार की है, मुख्य सचिव कुंटे ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं।
पुलिस विभाग में तबादला रैकेट का खुलासा करते हुए फडणवीस ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने तत्कालीन खुफिया विभाग आयुक्त रश्मि शुक्ला द्वारा तैयार किए गए ट्रांसफर घोटाले की रिपोर्ट को दबा दिया था। इसको लेकर उन्होंने एक 6.3 जीवी डाटा पैन ड्राइव केंद्रीय गृह सचिव को सौंपकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कुंटे को रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था। कुंटे ने बृहस्पतिवार की रात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि पत्र पर अति गोपनीय लिखा होने के बावजूद रश्मि शुक्ला ने पत्र को लीक कर दिया, जो गंभीर मामला है। यदि यह साबित होता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
वहीं फडणवीस ने दावा किया है कि फोन कॉल को टैप करने के लिए पर्याप्त प्रावधान हैं। लेकिन सरकार इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन डीजीपी सुबोध जायसवाल ने पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों के बीच बातचीत के आधार पर ट्रांसफर घोटाले की सीआईडी जांच की सिफारिश की थी। उनकी सिफारिशों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
मैने नहीं नवाब मलिक ने लीक की रिपोर्ट
‘अति गोपनीय’ पत्र के लीक होने के बारे में विपक्ष के नेता फडणवीस ने कहा कि मैंने केवल दो पृष्ठों के पत्र को साझा किया है। मैने कवरिंग लेटर पढ़कर सुनाया था और कवरिंग लेटर के अलावा पूरी रिपोर्ट बंद लिफाफा में केंद्रीय गृह सचिव को सौंपा है। जबकि राज्य में मंत्री नवाब मलिक ने इसके कई पृष्ठों को लीक किया था।
मलिक से रिपोर्ट मिलने के बाद कुछ पत्रकारों ने भी मुझसे संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि अगर कोई कार्रवाई की जानी है तो यह मलिक के खिलाफ की जानी चाहिए।
प्रभादेवी में तैयार हुई रिपोर्ट : शेलार
पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक आशीष शेलार ने मुख्य सचिव सीताराम कुंटे की रिपोर्ट को नेरोलक का सफेद पेंट बताया। उन्होंने कहा कि प्रभादेवी के एक अखबार के दफ्तर में रिपोर्ट तैयार की गई है। जिस रश्मि शुक्ला ने ट्रांसफर घोटाले के सबूत दिए, उन पर सवाल खडे़ किए जा रहे हैं। शेलार ने कहा कि सवाल नियम का नहीं, सरकार की नीयत का है।
जितेंद्र आव्हाड ने फडणवीस के आरोप को कहा हास्यास्पद
राज्य के गृह निर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने फडणवीस के आरोप को हास्यास्पद बताया है। उन्होंने कहा कि पांच साल जो मुख्यमंत्री रहे, उनकी कुशाग्र बुद्धि की सराहना की जाती है। ऐसे राजनीतिक धुरंधर फडणवीस मुख्य सचिव के प्रति शंका व्यक्त कर क्या हासिल करना चाहते हैं। पहले पुलिस की छवि मलीन हुई अब प्रशासकीय अधिकारियों की छवि खराब करने का काम शुरू है।