प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि उनकी फिलीपींस यात्रा आसियान के सदस्य देशों के साथ गहरे संबंधों के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पीएम रविवार को भारत-आसियान सम्मेलन में शिरकत करेंगे। पीएम ने कहा कि भारत-प्रशांत क्षेत्र उसकी ‘एक्ट ईस्ट नीति’ का हिस्सा है।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि वह अपनी मनीला यात्रा को लेकर विश्वस्त हैं कि इस यात्रा से फिलीपींस के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिलेगी। इसके अतिरिक्त यह यात्रा आसियान के साथ भारत के राजनीतिक-सामरिक, आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक स्तंभों को मजबूती प्रदान करेगी। अपनी तीन दिन की यात्रा पर रवाना होने से पहले पीएम ने कार्यक्रमों की व्यापक रूपरेखा खींची।
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पीएम आसियान-भारत और ईस्ट एशिया सम्मेलन में शामिल होने के साथ ही आसियान की 50वीं वर्षगांठ के विशेष आयोजन में भी शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त आरईसीपी नेताओं की बैठक और आसियान व्यापार और निवेश सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि वह इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईआरआरआई) और महावीर फिलीपींस फाउंडेशन इंक (एमपीएफआई) भी जाएंगे। पीएम ने कहा कि आईआईआरआई वैज्ञानिक शोध व विकास के जरिए के जरिये उन्नत किस्म के चावल के बीज तैयार करता है।
इस संस्थान में कई भारतीय वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। भारत और आसियान के बीच साल 2015-16 में 65.04 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। यह भारत का दुनिया के साथ कुल व्यापार का 10.12 फीसदी है। आसियान समूह में इंडोनेशिया, मलयेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाइलैंड, ब्रूनेई, कंबोडिया, लाओस, म्यांमार और वियतनाम शामिल हैं। आसियान के अतिरिक्त ईस्ट एशिया समिट में भारत, चीन, जापान, कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका और रूस शामिल होंगे।