फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रामीण आवास योजना फेज दो का आगाज अप्रैल से पहले, कैबिनेट नोट तैयार, मंजूरी का इंतजार

Thu, 29 Nov 2018 05:29 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण भारत की शक्ल बदलने की तैयारी में है। 2022 तक भारत के सभी गांवों से कच्चे मकान खत्म हो जाएंगे। ऐसा इसलिए होगा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना दो के लिए एक करोड़ नौ लाख घर बनाने के लिए मंत्रालय ने कैबिनेट नोट तैयार कर रहा है। 

विज्ञापन


इसके तहत करोड़ से ज्यादा घर बनाने के लिए  अनुमानित 2.50 लाख करोड़ रुपये फेज दो के आवासों के लिए चाहिए। इसकी स्वीकृति मिलते ही पीएमएजी का फेज दो शुरु हो जाएगा। अप्रैल 2019 तक देश भर में एक करोड़ मकान ग्रामीण विकास मंत्रालय को बनाने हैं।       

फेज दो के घर भी  जरूरत के हिसाब से तैयार तकनीक के आधार पर बने नक्शों के अनुसार तैयार किए जाएंगे। इसमें घर बनाने के लिए प्राकृतिक आपदाओं बाढ़, भूंकप और स्थानीय जलवायु के हिसाब से अलग-अलग नक्शे हैं, जैसे अकेले असम के लिए छह तरह के मकान बनाने की विकल्प मौजूद हैं। 
विज्ञापन


इसके अलावा लाभार्थियों को उज्जवला योजना और अन्य योजनाओं का लाभ भी पूर्व की भांति वरीयता के अनुसार मिलेगा। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फेज दो को मंत्रालय का लक्ष्य है कि 2022 के बजाए 2021 अप्रैल तक पूरा करके दे दिया। इसीलिए मंत्रालय जोर-शोर से फेज दो के कैबिनेट नोट के लिए प्रयास कर रहा है। 

विज्ञापन

2015 के सर्वे में पता चला था 2.95 करोड़ घरों की है जरूरत

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2015 में सर्वेक्षण किया था। इसमें पाया गया कि यदि 2.95 करोड़ घरों की जरूरत है।  इसमें यह भी पता चला कि यदि इतने घर बनाकर दे दिये जाएंगे तो सबको पक्का घर मिल जाएगा। यानि गांवों में रहने वाले सबके सिर पर छत हो जाएगी। इसके लिए मंत्रालय ने दो चरणों में योजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। 

इसके पहले चरण का लगभग 68 फीसदी काम पूरा हो गया है। नक्शे और घर बनाने के दिन 314 से घटाकर 114 हो गए हैं। ऐसे में मंत्रालय केवरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लक्ष्य को पा लिया जाएगा।  उन्होंने कहा कि अब तक 5846855 घर बनकर तैयार हो गये हैं। अभी चार महीने का वक्त डेड लाइन के लिये बाकी है। 

ऐसे में बचे हुए लगभग चालीस लाख घर बनकर तैयार हो जाएंगे। जिन राज्यों ने तमाम कवायद के बाद भी सुनवाई नहीं की है। इसमें तेलंगाना सबसे ऊपर है, जहां सरकार को मंत्रालय से अल्टीमेटम चला गया है। मुख्य सचिव को इस बाबत पत्र भेजकर बताया गया है कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय योजना के पैसे को वापस ले लेगा। अधिकारी के मुताबिक तेलंगाना सरकार स्कीम के मानकों का पालन करने को तैयार नहीं थी इसलिए मंत्रालय को स्कीम को विदड्रा करने का फैसला लेना पड़ा।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें