कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर सर्वाधिक संभावित वैक्सीन कैंडिडेट्स में से एक अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर इंक की वैक्सीन को लेकर कंपनी ने बड़ा दावा किया है। कंपनी ने कहा है कि हमारी कोविड-19 वैक्सीन के तीसरे चरण का अध्ययन सभी प्रमुख बिंदुओं पर खरा उतरा है। अध्ययन में कोविड-19 के 170 पुष्ट मामलों तक पहुंचा। वैक्सीन कैंडिडेट बीएनटी163बी2 ( BNT162b2 ) पहली खुराक के 28 दिन बाद 95 फीसदी प्रभावी शुरुआत दिखाई।
विश्व की अग्रणी दवा निर्माता कंपनी फाइजर और बायो-एनटेक ने बुधवार को कहा कि उनके द्वारा बनाया जा रहा कोविड-19 का संभावित टीका 95 प्रतिशत तक प्रभावी है और यह 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों पर भी कारगर है। फाइजर के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ अल्बर्ट बुर्ला ने कहा कि प्रतिदिन दुनिया में सैकड़ों लोग संक्रमित हो रहे हैं और हमें तत्काल एक प्रभावी टीके की आवश्यकता है।
बुर्ला ने कहा, 'इस अध्ययन के नतीजों से आठ महीने की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव आया है। हम इस घातक महामारी का अंत करने के लिए टीके के निर्माण में लगे हैं। हम विज्ञान की गतिसे चल रहे हैं और अब तक एकत्र किये गए सभी आंकड़ों को विश्व भर के नियामकों से साझा कर रहे हैं।'
फाइजर और बायो-एनटेक ने कहा कि उन्होंने कोविड-19 के एमआरएनए आधारित संभावित टीके ‘बीएनटी 162बी2’ के तीसरे चरण का अध्ययन पूरा कर लिया है। वर्तमान अनुमान के आधार पर कंपनियों को उम्मीद है कि वह वैश्विक स्तर पर 2020 तक टीके की पांच करोड़ खुराक का उत्पादन कर लेंगी और 2021 के अंत तक यह उत्पादन एक सौ तीस करोड़ खुराक तक पहुंच सकता है। इससे दो दिन पहले मॉडर्ना कंपनी ने घोषणा की थी उसके द्वारा बनाया जा रहा टीका 94.5 प्रतिशत तक प्रभावी है।