सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर आश्रम, मदरसे जैसे धार्मिक संस्थानों में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के खिलाफ विशाखा गाइडलाइंस लागू करने की गुहार लगाई गई है। वकील मनीष पाठक की ओर से यह याचिका दायर की गई है।
याचिका में कहा गया है कि ऐसे तमाम संस्थान, जहां धार्मिक शिक्षा दी जाती है या प्रवचन दिए जाते हैं, वहां विशाखा गाइडलाइंस लागू होना चाहिए। यह भी कहा गया है कि कई महिलाएं ऐसे संस्थानों में नौकरी करती हैं, तो कई स्वेच्छा से सेवादार होती हैं, ऐसे में ये कार्यस्थल के दायरे में आता है। याचिका में डेरा सच्चा सौदा, आसाराम, केरल नन केस के अलावा अन्य धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न का हवाला दिया गया है।